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काशी में गंगा स्नान के दौरान डूब रहीं दक्षिण भारतीय महिलाओं के लिए नविक बने देवदूत, 3 को बचाया

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से कुछ पर्यटक काशी में दर्शन पूजन करने और घूमने के लिए यहां पहुंचे हुए हैं। इसी दौरान शिवाला घाट पर स्नान के क्रम में तीन लोग अचानक गंगा नदी में डूबने लगे..

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वाराणसी में दक्षिण भारत से घूमने आए कुछ पर्यटक अचानक गंगा स्नान के दौरान नदी में डूबने लगे, जिनके लिए नाभिक देवदूत बनकर आए और उनकी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं का एक समूह आंध्र प्रदेश से काशी घूमने व दर्शन पूजन करने के लिए आया हुआ था। इसी दौरान सभी गंगा नदी में स्नान कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से कुछ पर्यटक काशी में दर्शन पूजन करने और घूमने के लिए यहां पहुंचे हुए हैं। इसी दौरान शिवाला घाट पर स्नान के क्रम में तीन लोग अचानक गंगा नदी में डूबने लगे। डूब रहे लोगों ने जब शोर मचाना शुरू किया तो लोगों का शोर सुनकर कुछ नाविक नदी में उतरे और तीनों लोगों को डूबने से बचा लिया।

इन लोगों को बचाया गया

बताया जा रहा है कि 50 वर्षीय एसवी पांडा, 22 वर्षीय अनुषा प्रिया और 20 वर्षीय चीनी पेरो गंगा नदी में शिवाला घाट पर स्नान कर रही थीं। इसी दौरान तीनों महिलाओं को पानी की गहराई का एहसास नहीं हुआ और तीनों ही गहरे पानी में चली गईं। इसके बाद तीनों ही पानी में डूबने लगी। तीनों को पानी में डूबता देख उनके साथ आए अन्य लोग शोर मचाना शुरू कर दिया।

पुलिस को दी गई सूचना

तीनों के शोर गुल की आवाज और समूह के अन्य लोगों के चीखने चिल्लाने पर वहां खड़े सुरेश मांझी दिलीप साहनी और भुआल मांझी गंगा नदी में कूद पड़े और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बचाकर पानी से बाहर निकाल लिया। इस दौरान भेलूपुर पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, 15 लोगों का एक समूह काशी आया हुआ है और इसी दौरान शिवाला घाट पर कुछ लोग स्नान कर रहे थे, जिनमें तीन महिलाएं गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान घाट पर सतर्क नविकों की मदद से तीनों की जान बच गई है। फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।