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UP board exam 2020: पहली बार नकल के लिए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की जिम्मेदारी तय, होंगे दंडित

-UP board exam 2020:परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल पर केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक जिम्मेदार-परीक्षा केंद्र के किसी कमरे से नकल सामग्री फेके जाने पर संबंधित थाना प्रभारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट जिम्मेदार-परीक्षा केंद्र के 100 मीटर की परिधि में अवांछनीय तत्व घुसे तो जिम्मेदार होंगे दंडित-परीक्षा केंद्र के 100 मीटर की परिधि में कोई मोबाइल व फोटो स्टेट की दुकान खुली पाई गई तो खैर नहीं

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यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 की तैयारी बैठक

यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 की तैयारी बैठक

वाराणसी. UP board exam 2020 में पहली बार नकल रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह यूपी बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अब तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी तो लगती थी पर नकल के लिए छात्र, शिक्षक और प्रधानाचार्य ही जिम्मेदार होते थे। उन्हें दंडित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार यह तय हुआ है कि किसी भी परीक्षा केंद्र से बाहर या बाहर से अंदर अगर नकल सामग्री बाहर फेंकी जाती है तो संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट जिम्मेदार होंगे।

सभी केंद्रों की होगी ऑनलाइन वेबकास्टिंग

परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने के लिए इस बार न केवल सीसीटीवी का इस्तेमाल होगा बल्कि सभी केंद्रों की ऑनलाइन वेबकास्टिंग होगी। यह भी यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार हो रहा है। इसके लिए जिले में एक ऑनलाइन वेबकास्टिंग सेंटर बनाया गया है जबकि प्रदेश स्तर पर भी ऐसा ही एक केंद्र होगा जहां से पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही शिकायतों और समस्याओं के निराकरण के लिए ई-मेल boardexam2020.varanasi@gmail.com आईडी सार्वजनिक की गई है। इस मेल पर कोई भी अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकता है। ऑनलाइन वेबकास्टिंग के लिए जिला स्तर पर राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज को कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर -0542-2200038, 0542-2987844 है। इसका प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी व विभागीय अधिकारी आनंद शंकर मिश्र, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान होगें।

ये भी पढें- UP board exam 2020: नकल की शिकायत पर अफसर औऱ प्रधानाचार्य होंगे दंडित

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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालाय में भी होगा नियंत्रण कक्ष
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भी नियंत्रण कक्ष होगा जिसका नंबर- 0542-2509413 है। नकल रोकने के लिए जिला स्तर पर 5 सचल दल का गठन किया गया है। जिले को 5 जोन व 18 सेक्टर में बांटा गया है।

जिले में कुल 142 परीक्षा केंद्र, 3 केंद्र संवेदनशील

जिले के कुल 1,88655 परीक्षार्थियों के लिए 142 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें तीन केंद्र, विमला देवी इंटर कॉलेज मोकलपुर, तुलसीदास इंटर कॉलेज अनेई और ग्राम विद्यापीठ इंटर कॉलेज, गड़खरा को संवेदनशील घोषित किया गया है। बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी और 6 मार्च तक चलेगी

सचल दल की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगीः डीएम

बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी और 6 मार्च तक चलेगी। परीक्षा दो पालियों सुबह 8 से 11.15 और दोपहर 2 से 5.15 बजे तक चलेगी। परीक्षा से पूर्व जिले के सभी 142 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक को संबोधित करते हुए जिला परीक्षा समिति के अध्यक्ष के तौर पर डीएम कौशल राज शर्मा ने सभी सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वो परीक्षा से पहले संबंधित केंद्रों का भ्रमण कर सीसीटीवी कैमरा, राउटर, प्रकाश व्यवस्था, चहारदीवारी, जेनरेटर, शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चत कर लें। साथ ही यह भी देखें कि परीक्षा के दौरान केंद्र से 100 मीटर की परिधि में कोई मोबाइल या फोटोस्टेट की दुकान न खुलने पाए। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी सुनिश्चित कर ली जाए, किसी भी तरह से फर्जी कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति न हो। प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हों। कहा कि किसी केंद्र पर छात्र-छात्राओं के जूता-मोजा उतरवाने की कोशिश नहीं होगी। बताया कि कोई परीक्षार्थी या कक्ष निरीक्षक मोबाइल के साथ कमरे में नहीं जाएगा, ऐसे में केंद्र व्यवस्थापक को मोबाइल रखने के लिए एक कक्ष की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि नकल रोकने के लिए गठित सचल दल की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

बैठक में नहीं सुनी गई केंद्र व्यवस्थापकों की कठिनाइयां

केंद्र व्यवस्थापकों ने कहा कि बैठक में उनकी बातों को डीएम व शिक्षाधिकारियों ने नकार दिया। उस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र के सुदूर परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा की दृष्टि से संकलन के लिए आसपास ही एक संकलन केंद्र बना दिया जाए। लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। कई प्रधानाचार्यों ने बताया कि उनके विद्यालय की छात्राओं को दूसरे केंद्र पर भेज दिया गया है जबकि छात्रों को स्वकेंद्र की सुविधा मिल गई है। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं के सेक्स कोड तक बदल गए हैं। परिचय पत्र पर फोटो स्पष्ट नहीं है। कई केंद्रों पर अभी तक परीक्षार्थियों की संख्या के अनुपात में प्रश्नपत्र अथवा उत्तर पुस्तिकाएं नहीं पहुंच पाई हैं।


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