
प्रदेश में मूसलाधार बारिश और डैम खोले जाने के बाद गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। वाराणसी में 24 घंटे में पानी डेढ़ मीटर तक बढ़ गया है। फर्रुखाबाद में दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग डूब जाने की वजह से जनजीवन तबाह हो गया है। मूलभूत आवश्यकताओं के सामान भी गांवो तक नहीं पहुंच पा रहे है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में हाहाकार मचा हुआ है।
20 अगस्त को गंगा का पानी 68 मीटर पर आकर घटने लगा था। 27 अगस्त को जलस्तर 66.31 पर रुका हुआ था। बुधवार को वाराणसी में गंगा का पानी सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक 35 सेंटीमीटर बढ़ गया। ऐसे में नाविकों के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा है। गंगा में नाव नहीं चलने के कारण नाविकों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। गंगा में पानी बढ़ने के कारण शहर में नाले का पानी सड़कों पर आ गया है। वरुणा में सड़क पर नाले का पानी आने के कारण क्षेत्र में बदबू और गंदगी फैल गई है जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।
बढ़ते गंगा के जल स्तर को देखते हुए सेंट्रल वाटर कमिशन ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। CWC की माने तो गंगा का जल स्तर दो दिनों में और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की आशंका जताई है। CWC की चेतावनी और मौसम विभाग की आशंका प्रदेशवासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
बाढ़ को देखते प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। वाराणसी प्रशासन ने घाट किनारे वाले पुलिस चौकियों को सक्रिय कर दिया है। NDRF और जल पुलिस को एक्टिव कर दिया गया है।
फर्रुखाबाद में बाढ़ अपना कहर बरपा रही है। गंगा के बढ़ते जल स्तर और रामगंगा नदी की धारा गांव वालों को लगातार डरा रही है। हलांकि फर्रुखाबाद में गंगा रेड लाइन से 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं। बारिश और बाढ़ के पानी की वजह से सड़कें डूब गई हैं और गांव का कनेक्शन शहर से टूट चुका है।
Updated on:
29 Aug 2024 10:06 pm
Published on:
29 Aug 2024 10:05 pm
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