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यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा विवाद, काशी में विप्र समाज ने किया प्रदर्शन, ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के स्थापना की मांग

यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र को लेकर काशी में विप्र समाज ने प्रदर्शन किया है। समाज ने मांग की है कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए...

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 में पूछे गए प्रश्न को लेकर विवाद नहीं थम रहा है। काशी में रविवार को विप्र समाज और बटुकों ने अहिल्याबाई घाट पर एकत्रित होकर इस प्रश्न के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रश्न को साजिश का एक हिस्सा बताया है।

अहिल्याबाई घाट पर किया गया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पूछे गए प्रश्न "अवसर के अनुसार बदल जाने वाला" इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए को लेकर अब घमासान मचा हुआ है। इस प्रश्न के विकल्प में 'पंडित' शब्द का जिक्र किया गया था, जिसके बाद ब्राह्मण समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वाराणसी के अहिल्याबाई घाट पर विप्र समाज और बटुकों ने एकत्रित होकर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया है।

मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग

विप्र समाज के संयोजक डॉक्टर पवन शुक्ला ने कहा कि इस तरह के प्रश्न ना केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक विवाद भी पैदा कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस भर्ती बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की है कि प्रश्न पत्र तैयारी करने वाली समिति की विभागीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की हो स्थापना

डॉ शुक्ला ने कहा कि भर्ती बोर्ड को यह ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा घटित ना हों। परीक्षा प्रश्न पत्र तैयार करना काफी संवेदनशील होता है और इसमें सामाजिक सद्भाव का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार से मांग की है कि एक ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाए, ताकि ऐसे मामलों को तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई की जा सके।