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वाराणसी में स्थापित होगा UP का पहला राजकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थापित होगा उत्तर प्रदेश (UP) का पहला राजकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र। इसके लिए प्रदेश के आयुष विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

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उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु

उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु

वाराणसी. पहले से ही चिकित्सा हब के रूप में स्थापित वाराणसी में अब प्रदेश का पहला राजकी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किया जाएगा। ये राजकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र वाराणसी के चौबेपुर में स्थापित होगा। इसके लिए सात बीघा जमीन चिन्हित कर ली गई है। शुक्रवार को पत्रिका संग बातचीत डॉ दयालु ने बताया कि प्रदेश में आयुष वेलनेस सेंटर तो हैं वो भी एक दो नहीं बल्कि विभाग ने 500 पुराने अस्पतालों को आयुष वेलनेस केंद्र के रूप में विकसित कर दिया है। वाराणसी के चौबेपुर में ये यूपी का पहला विशुद्ध राजकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र होगा। उन्होंने ये भी बताया कि वाराणसी के अलावा गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय खोलने की भी तैयारी है जहां दूसरा प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र होगा। इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है।

2025 तक यूपी में खुलेंगे 1600 आयुष वेलनेस सेंटर

उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु ने बताया कि ये राज्य का पहला प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र मे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 2025 तक 1600 आयुष वेलनेस सेंटर खोलने वाली है। इसमें 500 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। आयुष राज्यमंत्री ने बताया कि विभाग ने 50 बेड के नौ अस्पताल आरंभ किए हैं जो वाराणसी, अमेठी, कानपुर देहात, कानपुर नगर में स्थित हैं।

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ये आयुष वेलनेस सेंटर एकीकृत अस्पताल हैं

उन्होंने बताया कि ये आयुष वेलनेस सेंटर एकीकृत अस्पताल हैं, जहां आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति से इलाज होगा। कहा कि सरकार चाहती है कि लोग आयुष अस्पताल खोलने में सहयोग के लिए आगे आएं। उन्होंने अपील की कि ऐसे लोग जिनके पास एक एकड़ या उससे कम जमीन है वो अपनी जमीन दान दें।