
45 साल की अनुपमा पड़ोसी के साथ चाहती थी संबंध Image Source - Pexels
Varanasi murder case: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी पड़ोसी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद पुछताछ में आरोपियों ने बड़ा कबुलनामा किया है। जिसने पूरे केस को अलग मोड़ पर खड़ा कर दिया है। दरअसल, वाराणसी के शिवपुर थाना के लक्ष्मणपुर की शारदा विहार कॉलोनी में 11 दिसंबर 2025 की सुबह एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या हो गई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बता दें कि 11 दिसंबर 2025 की सुबह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता की लाश कमरे में मिली।
सीता का पति रोज सुबह दूध बेचने के लिए जाता था। रोज की तरह उस दिन भी, जब पति शैलेश कुमार पटेल दूध बेचकर वापस घर आया, तब उसने अपनी पती को कमरे में मृत पाया। जिसको देखते ही उसकी चीख निकल गई और लोगों को जमावाड़ा लग गया। पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर, जांच शुरू कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि पास-पड़ोस में ही किराए पर रहने वाले युवक-युवती ने मिलकर की थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी मोहित यादव (21) और उसकी पत्नी अंजलि चौहान (21) ने पुछताछ में खुलासा किया कि सीता का कोई बच्चा नहीं था, जिसकी वजह से वो परेशान रहती थी। इसी परेशानी के कारण महिला ने आरोपी मोहित यादव के साथ संबंध बनाना चाहती थी, लेकिन मोहित ने इस चीज को करने से साफ-साफ मना कर दिया, लेकिन महिला ने युवक पर दबाव बनाया कि अगर वो ऐसा नहीं करता तो पुलिस में शिकायत कराने या झूठा केस ठोंकने की धमकी देती थी। मोहित ने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी, जिसके बाद दोनों ने सीता को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 11 दिसंबर 2025 की सुबह, जब सीता घर में अकेले थी, तो मोहित और अंजलि ,दोनों उसके घर के अंदर घूसे और सबसे पहले अनुपमा के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिसे वो चीला न सके, फिर दोनों ने धारदार हथियार और सिलबट्टे से सिर पर लगातार वार किया और सीता को मौत के घाट उतार दिया।
Updated on:
13 Dec 2025 09:08 am
Published on:
13 Dec 2025 09:08 am
