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वाराणसी को मिला अक्षय पात्र किचन का तोहफा, दुनिया की सबसे बड़ी रसोई के बारे में जानें

Akshaya Patra Kitchen अक्षय पात्र किचन देश का 62वां किचन है। इस अक्षय पात्र किचन में बने खाने से करीब एक लाख बच्चे लाभान्वित होंगे। जानें अक्षय पात्र किचन क्या है। और इसकी क्या खासियत है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर हैं। और जहां वाराणसी को 1774.34 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का तोहफा दिया वहीं इसके साथ ही अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया। अक्षय पात्र किचन देश का 62वां किचन है। इस अक्षय पात्र किचन में बने खाने से करीब एक लाख बच्चे लाभान्वित होंगे। जानें अक्षय पात्र किचन क्या है। और इसकी क्या खासियत है।

अक्षय पात्र किचन क्या है जानें

अक्षय पात्र एक स्वयं सेवी संस्था है। यह यूपी सहित देश के 12 राज्यों में स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील उपलब्ध कराती है। यह संस्था देश के 14702 स्कूलों में करीब 17 लाख स्कूली छात्रों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराती है। इस संस्था का नाम दिसम्बर, 2009 में लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में अंकित किया गया है। अक्षय पात्र फाउण्डेशन ने भारत में वर्ष 2000 से काम करना प्रारंभ किया। वाराणसी में अक्षय पात्र किचन का आज 62वां केन्द्र खुला। अक्षय पात्र फाउण्डेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है।

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सोलर एनर्जी से पकेगा भोजन

अक्षय पात्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष भरतशाभा दास ने बताया कि, वाराणसी का अक्षय पात्र किचन देश का 62वां किचन है। इस किचन की खासियत यह है कि यहां खाना पकाने के लिए गैस और सोलर एनर्जी का उपयोग होता है। सभी जगह पर हम सुनिश्चित करते हैं कि खाने का स्वाद और पोषण अच्छा हो। अब हमारी योजना वाराणसी में सभी 278 प्राइमरी तथा परिषदीय स्कूल के बच्चों को खाना खिलाने की है।

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एक लाख छात्रों का बनेगा मिड डे मील

इस अक्षय पात्र रसोई में एक लाख छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन पकेगा। 24 करोड़ से बने किचन में एक बार में 100 किलो आटा की रोटी पकेगी। चार अलग-अलग ‘दाल कॉल्डेरॉन’ में 1600 लीटर दाल बनेगी। स्टीम कुकर एक बार में 100 किलो चावल पकाएगा। सामाजिक व शिक्षा से संबंधित जिन परियोजनाओं का उद्घाटन होना है, उनमें महगांव में आईटीआई, बीएचयू में वैदिक विज्ञान केंद्र का दूसरा चरण, रामनगर में राजकीय बालिका गृह, वृद्धाओं व निराश्रित बच्चों के लिए दुर्गाकुंड में बना थीम पार्क भी शामिल है।