
Varanasi News
Varanasi News : गलियों में भौंकते, सोते या टहलते स्ट्रीट डॉग्स को लोग हमेशा दुत्कारते दिख जाएंगे। कहीं बच्चे उन्हें डंडा या ढेला रसीद करते हैं तो कहीं लोगों उन्हें भगाने का अलग-अलग तरीका अपनाते हैं, पर काल भैरव की नगरी काशी में दो स्ट्रीट डॉग्स के दिन फिर गए हैं। ये दोनों डॉग्स का पासपोर्ट बनाया गया ही और ये विदेश में बसने जा रहे हैं। आखिर कैसे और क्यों जा रहे हैं काशी के ये दो स्ट्रीट डॉग्स विदेश जानिए इस खास रिपोर्ट में...
स्ट्रीट डॉग्स चले विदेश
लाइफ में एक बार सभी विदेश घूमने और जाने की इच्छा रखता है। कुछ इसे सकारकर लेते हैं पर कुछ बिना साकार किये ही गोलोकवासी हो जाते हैं, लेकिन काशी के दो स्ट्रीट डॉग्स बाबा भैरवनाथ के आशीर्वाद से विदेश यात्रा पर नहीं बल्कि विदेश में बसने जा रहे हैं। बाकायदा उनका पासपोर्ट बनकर आ गया है और जल्द ही काशी के दो स्ट्रीट डॉग्स को इटली और नीदरलैंड भेजने की कवायद शुरू की जाएगी। यह कवायद एक एनजीओ कर रहा है।
जया को ऐसे मिला नीदरलैंड का टिकट
नीदरलैंड से पिछले दिनों भारत यात्रा पर आईं पर्यटक मीरल काशी के नयनभिराम घाटों का अवलोकन कर रहीं थीं। इसी दौरान उन्हें दरभंगा घाट पर स्ट्रीट डॉग जया घायल अवस्था में मिली, जिसपर मीरल ने लोगों से जानकारी कर वाराणसी की संस्था एनिमोटल केयर ट्रस्ट को सूचना दी। ट्रस्ट के लोग पहुंचे और घायल जया का इलाज करवाया। जब तक मीरल यहां रहीं जया उनके साथ ही रही। मीरल ने नीदरलैंड वापस लौटने पर एनजीओ के प्रमुख फिजिशियन डॉ इंद्रनील से संपर्क कर उसे अपने पास बुलाने की बता कही जिसपर एनजीओ ने जया का नीदरलैंड का टिकट ओके करा दिया है।
मोती को मिला इटली का टिकट
कुछ ऐसी ही कहानी बाबा भैरव की सवारी मोती की है। स्ट्रीट डॉग मोती इटली का टिकट मिला है और इसकी वजह बनी हैं इटली की रहने वाली वीरा लज्जारेती। उनकी काशी यात्रा के समय काशी का यह स्ट्रीट डॉग मोती उनके संपर्क में आया और वो इसके प्रेम पाश में बांध गईं। वापस इटली तो पांच गई पर मन में मोती की याद संजोएं थी और उसे इटली बुलाने के लिए उन्होंने भी संस्था एनिमोटल केयर ट्रस्ट से संपर्क साधा और अब मोती का भी पासपोर्ट तैयार हो चुका है।
दोनों फीमेल डॉग, लगाईं गई है चिप, हुई है विदेश भेजकर जांच
संस्था एनिमोटल केयर ट्रस्ट के सदस्य संदलीप सेन गुप्ता ने बताया कि डॉग्स को विदेश भेजने की प्रक्रिया बड़ी जटिल है और इसका खर्च 20 से 25 हजार आता है। दोनों ही डॉग्स को आवश्यक वैक्सीनेशन के साथ ही साथ ही दोनों देशों की जांच लैब में भेजकर उनका सीरम टेस्ट करवाया जाता है। उसके बाद वहां से ओके होने पर दोनों डॉग्स को एक चिप लगाईं गई है जो बारह अंकों के कोड से जनरेट हैं। इसे स्कैन करने पर डॉग की पूरी डिटेल मिल जाएगी।
जल्द ही शुरू होगा सफर
ट्रस्ट के प्रमुख फिजीशियन डॉ. इंद्रनील बसु ने बताया को दोनों डॉग्स को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया को मानकों के अनुरूप किया गया है। जल्द ही दोनों डॉग्स को उनके चाहने वालों तक भेजा जाएगा।
Published on:
21 May 2023 07:05 am
