
प्रतीकात्मक फोटो: AI
आधी रात का सन्नाटा! अचानक पुलिस की गाड़ियों का हॉर्न और फिर चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल…वाराणसी के रोहनियां इलाके में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब पुलिस ने एक इमारत को चारों तरफ से घेर लिया। घर के अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। एक बड़ा हॉल था, जहां 32 युवक-युवतियां मौजूद थे। पुलिस की पांच गाड़ियों ने रात 12 बजे इस जगह पर छापा मारा और सभी को रंगे हाथों पकड़ा।
पुलिस ने देखा कि पूरे हॉल में युवक-युवतियां फोन पर बात कर रहे थे। पुलिस ने सभी को कॉल काटने और एक जगह इकट्ठा होने का निर्देश दिया। करीब एक घंटे तक सभी को फर्श पर बैठाया गया, जहां वे अपना चेहरा छिपाते रहे।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस कॉल सेंटर का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए हो रहा था। यहां से लोगों को निवेश, लोन और पार्सल से जुड़ी फर्जी स्कीमों का झांसा दिया जाता था। इस गिरोह का जाल केवल भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि ये लोग विदेशों में भी फेक कॉल कर लोगों को ठगते थे। पुलिस को कई लोगों के बैंक खाते की जानकारी मिली है, जिनमें विदेशों तक से पैसों का लेन-देन हुआ था।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का संचालन शहर के दो मैनेजर कर रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। ये मैनेजर ही कर्मचारियों को बताते थे कि किसे कॉल करना है और क्या ऑफ़र देना है। पुलिस ने मौके से 35 से ज्यादा डेस्कटॉप, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह में काम करने वाले ज्यादातर लोग नॉर्थ ईस्ट और कोलकाता के हैं।
Updated on:
4 Sep 2025, 12:26 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 12:26 PM IST
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