2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विजयादशमी: श्रीराम के बाणों से रावण का हुआ अंत, पुतले में आग लगते ही गूंज उठा जय श्रीराम का उद्घोष

असत्य पर सत्य की विजय का पर्व काशी में हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। मलदहिया चौराहे पर समाजसेवा संघ ने रावण दहन का 75वें वर्ष आयोजन किया।

2 min read
Google source verification
vijayadashami ravana was killed by the arrows of shri ram

धर्म की नगरी काशी में असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजयादशमी हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। मलदहिया चौराहे पर समाज सेवा संघ ने 75वें वर्ष में रावण का दहन करवाया। इस वर्ष समिति ने 40 फुट ऊंचा रावण बनवाया था जिसका वध प्रभु श्रीराम ने अपने तीन बाणों से किया। कंधे पर सवार होकर पहुंचे श्रीराम ने भाई लक्ष्मण और हनुमान के साथ रावण की परिक्रमा की और फिर उसका वध किया। इसके बाद मुख्य अतिथि राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने रावण में आग लगाईं। रावण में आग लगते ही रावण धूं-धूं कर जलने लगा और पूरा इलाका श्रीराम चंद्र की जय के नारों से गूंज उठा। इसके अलावा बीएलडब्लू में 75 फुट का रावण दहन किया गया। इस दौरान मेघनाथ और कुम्भकर्ण का भी पुतला जलाया गया।

श्रीराम के जयघोष से गूंजा उठा मलदहिया चौराहा

समाज सेवा संघ के रावण दहन में पूरा शहर मानों उमड़ा था। मलदहिया चौराहे से पहले काशी विद्यापीठ के मैदान में होने वाले इस रावण दहन के 75वें वर्ष के बारे में बताते हुए समिति के अध्यक्ष मंगल सोनी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का अंत कर सृष्टि को उसके भय और प्रताड़ना से मुक्ति दिलाई थी। समाज में एक सीख देने के लिए कि हमेशा बुराई पर अच्छाई की जीत होती है यहां पिछले 75 वर्षों से रावण का दहन किया जा रहा है। यहां हजारों लोग रावण दहन में उमड़ते हैं और पूरा इलाका जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठता है।

इंग्लिशिया लाइन से सजधज के पहुंची राम बारात

इसके पहले इंग्लिशिया लाइन चौराहे से रथ पर सवार होकर प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और सीता की सवारी निकली तो पूरा इलाका सियावर रामचंद्र की जय के जयघोष से गूंज उठा। तय समय भगवान हनुमान के साथ दोनों भाई मलदहिया चौराहे पर पहुंचे जहां रावण के पुतले की परिक्रमा कर उसपर बाण छोड़े और उसका संहार किया। इसके फौरन बाद राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने रावण के पुतले में आग लगाईं।


हादसा होते-होते बचा
इस दौरान समिति ने आतिशबाजी का भी इंतजाम किया था पर इस आतिशबाजी से हादसा होते-होते बचा जब एक स्टार लाइट बम ऊपर ना जाकर आकर फट गया। खाली जगह पर गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ। यदि यह बम जहां हजारों की भीड़ खड़ी थी वहां फटता तो अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। इसके फौरन बाद प्रभारी निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर आतिशबाजी रुकवा दी और उसे वहां से हटवा दिया।