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वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आरक्षी चालक की मौत, थाना प्रभारी की प्रताड़ना से क्षुब्द्ध हो कर खुद को मारी थी गोली

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के लालपुर पांडेयपुर थाने के आरक्षी चालक यशवंत सिंह की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। बता दें कि यशवंत सिंह ने थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए खुद को गोली मार ली थी। गोली मारने से पहले उन्होंने अपने बेटे के ह्वाट्सएप पर पुलिस कमिश्नर को संबोधित सुसाइड नोट भेजा था।

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वाराणसी के लालपुर पांडेयपुर थाने के आरक्षी चालक यशवंत सिंह

वाराणसी के लालपुर पांडेयपुर थाने के आरक्षी चालक यशवंत सिंह

वाराणसी. लालपुर-पांडेयुपर थाने से संबद्ध आरक्षी चालक यशवंत सिंह की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। बता दें कि आरक्षी चालक सिंह ने अपने थाने के प्रभारी सुधीर कुमार सिंह पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को संबोधित सुसाइड नोट अपने बेटे के ह्वाट्सएप पर भेजा था, फिर खुद को गोली मार ली थी। उनका इलाज बीएचयू के ट्रामा सेंटर में चल रहा था, जहां गुरुवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।

23 अप्रैल को मारी थी गोली

बता दें कि आरक्षी चालक यशवंत सिंह ने मुख्य आरक्षी चालक ने 23 अप्रैल को खुद को गोली मारी थी। इससे पूर्व यशवंत ने 23 अप्रैल की सुबह अपने बेटे को ह्वाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के अनुसार एक बेटे की बीमारी के दौरान छुट्‌टी न मिलने की वजह से वो परेशान थे।

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सीपी को संबोधित सुसाइड नोट में दी थी पूरी जानकारी
पहले सुसाइड नोट लिखा था। उन्होंने खुद को गोली मारने के पहले बेटे को व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा था। इसमें उन्होंने ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी पर छुट्टी के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया और अपनी मौत होने पर जिम्मेदार बताया था। घटना के दो दिन बाद ही पुलिस आयुक्त ने सुधीर कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था। प्रकरण में जांच भी चल रही है।

22 अप्रैल को ही वो आजमगढ़ स्थित घर से आए थे यशवंत

बतया जाता है कि यशवंत आजमगढ़ के मेहनगर थाना के पवनी खुर्द गांव के मूल निवासी रहे। 53 वर्षीय यशवंत सिंह 15 अप्रैल को छुट्‌टी लेकर घर गए थे। घर से वो 22 अप्रैल को ही लौटे थे। वो वाराणसी पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहते थे। नाइट ड्यूटी के बाद पहड़िया मंडी में स्थित धर्मकांटा के समीप पहुंचे। नाइट अफसर सूर्यवंश यादव ने चाय पीने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। वो सरकारी जीप में ही बैठे रहे। जीप से पुलिसकर्मियों के उतरने के बाद यशवंत ड्राइविंग सीट पर बैठे और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने सिर में गोली मार ली।

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थाना प्रभारी किए जा चुके हैं लाइन हाजिर, चल रही है विभागीय जांच
लालपुर- पांडेयपुर थाने के सरकारी जीप चालक यशवंत सिंह के अपनी ही लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार कर खुदकुशी के प्रयास के मामले की जांच जारी है। ये जांच एडिशनल एसपी को सौंपी गई है। इतना ही नहीं सिंह द्वारा बेटे को भेजे गए सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने फिलहाल थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मामले की चल रही जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।