
सीमए योगी (Photo: IANS)
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। सीएम योगी के ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत प्रदेश के गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना शुरू की जा रही है, जिससे न सिर्फ ग्रामीणों की रसोई का खर्च घटेगा, बल्कि जैविक खाद उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से किसानों और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
योजना के पहले चरण को लागू करने के लिए अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और गोंडा जिलों का चयन किया गया है। इन चारों जिलों में कुल 2,250 घरेलू बायोगैस यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है और इन जिलों में सफलता के बाद अगले चार वर्षों में इसे लगभग 2.5 लाख घरों तक विस्तारित करने की योजना है।
इस योजना के तहत मनरेगा के माध्यम से गोशालाएं भी निर्मित की जाएंगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। प्रथम चरण में 43 गोशालाओं में बायोगैस और जैविक/प्राकृतिक खाद संयंत्र चालू किए जाएंगे। प्रत्येक गोशाला से प्रति माह लगभग 50 क्विंटल स्लरी तैयार होने की संभावना है, जिसे आसपास के किसान भी उपयोग में ला सकेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
Published on:
24 Jul 2025 08:27 am
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