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Video: गांधीनगर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, 7 छात्र दो साल के लिए हॉस्टल से निलंबित
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Video: गांधीनगर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, 7 छात्र दो साल के लिए हॉस्टल से निलंबित

-दूसरे वर्ष के छात्रों को छह माह के लिए किया निलंबित, स्वास्थ्य मंत्री ने दी चेतावनी -मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर राज्य सरकार हुई सख्त

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गांधीनगर. गुजरात मेडिकल एजूकेशन रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) के गांधीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रैगिंग की गंभीर घटना सामने आई है। इस पर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए एमबीबीएस तृतीय वर्ष के सात छात्रों को दो साल के लिए तथा द्वितीय वर्ष के अन्य छात्रों को छह माह के लिए कॉलेज के हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि हॉस्टल डीन को इस संबंध में व्यक्तिगत नहीं बल्कि अज्ञात शिकायत मिली थी। उस पर भी तत्काल सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें स्पष्ट हुआ कि वरिष्ठ छात्रों ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को मानसिक रूप से परेशान किया है और उसके साथ असामाजिक व्यवहार किया। ऐसे में दोषी पाए गए सात एमबीबीएस तृतीय वर्ष के सात छात्रों को दो साल के लिए हॉस्टल से निलंबित कर दिया है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के भी अन्य छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित किया गया है। इनकी संख्या भी करीब सात बताई जा रही है।

पानशेरिया ने कहा कि छात्र अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए पढ़ाई करने आते हैं, ऐसे में किसी को भी कष्ट या दुख पहुंचाना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों से मानवता को अपनाने और एक सम्मानित डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को चेतावनी दी कि यदि किसी अन्य कॉलेज में भी रैगिंग की शिकायत मिलेगी तो सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी, जिससे छात्रों के करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

छात्रों की ओर से अन्य छात्र को प्रताडि़त करने या परेशान करने के मामले में कई बार छात्र आत्महत्या करने तक का कदम उठा लेते हैं। 18-20 साल के युवाओं में ज्यादा सहन शक्ति नहीं होती है। ऐसे में किसी को प्रताडि़त नहीं करना चाहिए। नहीं तो ऐसा करने पर छात्रों के करियर भी प्रभावित हो सकता है।