
अजमेर. लोहागल गांव में मंगलवार को खेतों में मृत मिले सात मोर के मामले में आरोपित महिला को क्रिश्चियन गंज व वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इधर वन विभाग की ओर से मृत मोर का मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
वन्य अधिकारी करण सिंह राठौड़ ने बताया कि लोहागल गांव के निकट खेतों में मंगलवार देर शाम मृत मोर मिलने की सूचना मिली। सूचना पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस व वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने मोर का शिकार कर रही महिला को दबोच लिया। महिला लोहागल गांव की रहने वाली है। उसके साथ एक बालक भी मौजूद था। राठौड़ ने बताया कि मंगलवार शाम को मोर मृत मिले थे जबकि एक तड़पता हुआ मिला। उसका उपचार किया गया है। अजमेर जिले में मोर के कई बार शिकार-मौत के मामले सामने आ चुके हैं। पुष्कर, नसीराबाद, केकड़ी, भिनाय, ब्यावर और अन्य क्षेत्रों में मोरों के शिकार की घटनाएं हुई हैं। ज्यादातर मामलों में मोर को जहरीला दाना खिलाया गया। फैक्ट फाइल… -26 जनवरी 1963 को सरकार ने मोर को घोषित किया था राष्ट्रीय पक्षी -वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत मोर के शिकार पर पाबंदी -वन मंत्रालय के अनुसार देश में करीब 1.50 लाख मोर