
अजमेर में बर्फीली ठंडक ने रविवार को भी धूजणी छुड़ाई। सुबह आसमान में कोहरा नजर आया। जमीन पर ओस-गलन से ठिठुरन बनी रही। धूप निकलने से ही लोगों को कुछ राहत मिली।
अल सुबह से हवा में घुली ठंडक के कारण कंपकंपी महसूस हुई। पहाडिय़ों पर धुंध मंडराती रही। पेड़-पौधे, वाहने और जमीन पर ओस दिखाई दी। धूप निकलने के बाद ही लोगों को कुछ सुकून मिला। लेकिन शीतलहर ने सिहराए रखा। गलन ने भी जमकर परेशान किया। अधिकतम तापमान ..डिग्री दर्ज हुआ। सुबह और देर शाम कई जगह चाय की थडिय़ों, सडक़ों के किनारे लोग सूखी पत्तियों और लकडिय़ों से अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाते दिखे। सडक़ों पर भी देर शाम ज्यादा रौनक नहीं दिखी। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचार बना हुआ है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से सर्दी के तेवर फिर बढ़ गए हैं। घने कोहरे के अलावा कई इलाकों में तापमान में गिरावट भी हो सकती है। मैदानी और पहाड़ी इलाकों में तेज सर्दी पडऩे के अलावा मावठ हो सकती है।