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video : जो काम नहीं करे हमें बताओ, नहीं तो आप स्वयं कर दो रवाना

राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय में क्वालिटी एश्योरेंस के तहत निरीक्षण - गंदगी और कमियों को देख भड़के निरीक्षणकर्ता - सुधार के लिए एक दिन का दिया समय, आज भी करेंगे निरीक्षण

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कालीचरण /किशनगढ़ . राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय में रविवार को क्वालिटी एश्योरेंस के तहत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई का अभाव एवं अन्य कमियों को देख निरीक्षणकर्ताओं ने खरी-खरी सुनाई। उन्होंने पीएमओ डॉ. नरेश मितल से कहा कि जो काम नहीं करें उसे हमें बताओ या फिर आप स्वयं उसे रवाना कर दो। सरकार किसी की मनमर्जी से नहीं चलेगी। वह तो सरकार की तरह की चलेगी। उन्होंने कमियों को पूरा करने का एक दिन का समय दिया। सोमवार को दोपहर बाद वापस निरीक्षण किया जाएगा।

प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में स्वच्छता सर्वेक्षण और गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत रविवार को दोपहर 2 बजे निरीक्षण के लिए टीम चिकित्सालय पहुंची। टीम में स्टेट नोडल ऑफिसर कायाकल्प रामबाबू जायसवाल, एनएचएम प्रोजेक्ट डायरेक्टर जी. एल. शर्मा और क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर यतेन्द्र शर्मा ने आउटडोर, गायनिक वार्ड, शिशु वार्ड, औषधी स्टोर, ब्लड बैंक और ट्रोमा सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई जगह गंदगी और साफ-सफाई का अभाव दिखा। उन्होंने तुरंत वहां पर सफाई कराने और कलर आदि कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कमियां दिखाई दी उसे सोमवार दोपहर तक पूरा करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने सोमवार को पुन: निरीक्षण करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान पीएमओ डॉ. नरेश मित्तल, आरसीएचओ डॉ. रामलाल, बीसीएमओ डॉ. स्वाति शिंदे, डॉ. अशोक जैन, डॉ. परसाराम, डॉ. के. के. तनवानी, डॉ. अनिल जैन सहित कई चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ आदि उपस्थित रहे। मेल नर्स और नर्सिग प्रभारी को दो नोटिस निरीक्षण के दौरान शिशु वार्ड में बायोमेडिकल वेस्ट के साथ चाय के कप, बिस्कुट के पैकेट आदि डले होने पर निरीक्षणकर्ता भड़क गए। उन्होंने कहा कि बायोवेस्ट के साथ अन्य कचरा कैसे डाल रखा है। वहां पर मौजूद मेलनर्स ने दोपहर 2 बजे ही ड््यूटी पर आने की बात कही। इस पर उन्होंने हैंड ओवर रजिस्ट्रर मांगा। उसमें जनवरी के बाद से किसी प्रकार की एंट्री नहीं होने पर पीएमओ को मेलनर्स और नर्सिंग प्रभारी को नोटिस देने के निर्देश दिए।

 

ब्लड बैंक में गिना स्टॉक में रखा ब्लड निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक में ब्लड स्टॉक के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बोर्ड पर लिखे अंकों के आधार पर स्टॉक को जांचा। उन्होंने ब्लड चढ़ाने के बाद ब्लड की खाली थैली को क्या किया जाता है इसके बारे में पूछा। ब्लड बैंक के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकें। इस पर उन्होंने कहा कि खाली बैग भी रिसाइकिल होता है। वैक्सीन रखने के तरीके पर भड़के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय के स्टोर में रखी वैक्सीन आदि को भी देखी। इस दौरान उन्होंने एक डीप फ्रिजर खोला तो उसमें वैक्सीन सही तरह से नहीं रखी हुई मिली।

 

इस पर उन्होंने रविवार शाम तक सभी वैक्सीन को सही तरह से रखने के निर्देश दिए और किस तापमान में रखी जाती है आदि के बारे में जानकारी ली। चिकित्सालय के निरीक्षण के लिए टीम ने रविवार को 10.30 बजे का समय दिया था। रविवार होने के कारण सुबह के समय ही हॉस्पिटल खुलता है। इसके बावजूद टीम दोपहर 2 बजे तक चिकित्सालय पहुंची। टीम का इंतजार में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी दोपहर का खाना तक नहीं खा सके।