अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा के सामान्य ज्ञान के पेपर लीक मामले में प्रदर्शन करने गए अभ्यर्थियों को मंगलवार को पुलिस ने लाठियां फटकार खदेड़ा। पुलिस ने मौके से दो प्रदर्शनकारी युवकों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन्हें बाद में एडीएम कार्यालय से 10-10 हजार के मुचलके पर छोड़ा गया। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में नागौर, जयपुर, अलवर, दौसा, बीकानेर सहित अन्य क्षेत्राें से अभ्यर्थी मंगलवार को प्रदर्शन करने राजस्थान लोक सेवा आयोग कार्यालय के समक्ष पहुंच गए। पुलिस ने आयोग के 200 मीटर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने, साक्षात्कार चलने के कारण प्रदर्शन नहीं करने की बात कही।
लाठियां फटकार कर दौड़ाया
अभ्यर्थियों के आयोग के मेनगेट के सामने से नहीं हटने पर सिविल लाइंस थाना पुलिस और जाप्ता एक्शन में आ गया। पुलिस ने मौके पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। इससे अभ्यर्थियों में भगदड़ मच गई। आधे अभ्यर्थी सहकार भवन और आधे खान-आबकारी विभाग की तरफ भाग निकले। कुछ अभ्यर्थी भागने के चक्कर में नीचे गिर पड़े।
प्रदेशाध्यक्ष यादव सहित दो युवकों को पकड़ा
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव और श्रवण जाट को पकड़कर जीप में बिठा दिया। दोनों को एडीएम सिटी भावना गर्ग के समक्ष पेश किया गया। गर्ग ने दोनों को पाबंद कर 10-10 हजार रुपए के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए।
सीबीआई से कराएं जांच
महासंघ प्रदेशाध्यक्ष यादव ने बताया कि बीते दिसंबर में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का पेपर आउट होने के बावजूद आयोग और सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं है। मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। साथ ही अक्टूबर में आयोजित स्कूल व्याख्याता का परिणाम और तीन हजार अनुदेशक भर्ती की पत्रावली पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
इनका कहना है
आरपीएससी क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है। धरना-प्रदर्शन, बलवा करने की इजाजत नहीं है। दो प्रदर्शनकारियों को पकड़ा था, इन्हें मुचलके पर छोड़ा गया है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दलबीरसिंह फौजदार प्रभारी सिविल लाइंस थाना