अजमेर. पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में मॉडल उप पंजीयक कार्यालयों के नाम पर उप पंजीयक कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी पेन डाउन हडताल जारी रही। शुक्रवार के बाद तीन दिन के सार्वजनिक अवकाश के बाद मंगलवार को कार्यालय खुलने के बाद भी रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहा। हड़ताल के कारण सरकार को एक करोड़ रुपए से अधिक की राजस्व हानि होना माना जा रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष भीखाराम चौधरी ने बताया कि राजस्थान राज्य पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को उप पंजीयक कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। अजमेर में मंगलवार को उप पंजीयक कार्यालय एक व दो में स्टाफ आया जरूर लेकिन कामकाज प्रभावित रहा। डीड राइटर एवं स्टांप वेंडर संघ, अजमेर के अध्यक्ष गिरधारी गुर्जर ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में संघ ने भी कामकाज स्थगित रखा।बेरंग लौटना पड़ा
मंगलवार को संपत्ति की रजिस्ट्री कराने उप पंजीयक कार्यालय पहुंचा एक परिवार काम नहीं होने पर निराश होकर बेरंट लौटा। हरीश ने बताया कि वह परिवार को लेकर मंगलवार को रजिस्ट्री संबंधी कार्य से उप पंजीयक कार्यालय पहुंचा था। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उसका काम नहीं हुआ।
इसलिए विरोधमहामंत्री अशोक स्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर जयपुर, जोधपुर व भिवाड़ी में मॉडल उप पंजीयक कार्यालय खोले जाने की घोषणा की गई है। वित्त विभाग ने कुल 10 नए मॉडल उप पंजीयक कार्यालय खोलना प्रस्तावित किया गया। इसमें कार्यालयों को बंद करने का प्रावधान नहीं था। गत 11 सितम्बर को बीकानेर के उप पंजीयक कार्यालय तृतीय को मॉडल उप पंजीयक कार्यालय में परिवर्तित करने के आदेश दिए। इसमें मूल कार्यालय यथावत रहा न ही स्टाफ को हटाया गया।
आठ दिन बाद ही बदले आदेश19 सितम्बर को मॉडल कार्यालय में मूल कार्यालय से केवल दो मंत्रालयिक कर्मचारियों को ही लगाया गया। इसी प्रकार जोधपुर में उप पंजीयक षष्टम कार्यालय का नवीन पद स्वीकृत किया गया लेकिन मूल कार्यालय से दो ही कर्मचारी लिए गए। जबकि मॉडल कार्यालय में सभी स्वीकृत कार्मिकोंं को समायोजित किया जाना था। उप पंजीयक बीकानेर तृतीय के उप पंजीयक को मॉडल कार्यालय में पंजीयन करने के निर्देश दिए। इसमें एक कर्मचारी अब भी अधरझूल में है। उसे उपस्थिति कहां देनी है यह स्पष्ट नहीं है।
केवल दो कार्मिक ले रहे
मॉडल उप पंजीयक कार्यालय में एक रीडर व एक रिकार्ड कीपर मांगा है। लेकिन यह किस पदनाम के हैं वह स्पष्ट नहीं है। दो कार्मिकों के अतिरिक्त अन्य को कार्य मुक्त करने का कोई कारण नहीं बताया जा रहा। कर्मचारियों ने मॉडल कार्यालय अलग से खोले जाने या मौजूदा उप पंजीयक कार्यालयों को ही मॉडल कार्यालय के रूप में परिवर्तित करने की मांग की है। समस्त स्टाफ को पूर्व की भांति कार्य करते रहने की मांग की गई है।
छह अक्टूबर को बैठक संभव
सरकार व आईजी मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के बीच छह अक्टूबर को वार्ता होना संभावित है। इसके बाद समस्या का हल हो सकता है।
अजमेर उप पंजीयक कार्यालय (एक व दो)
160 – कुल दस्तावेज विक्रय पत्र, दानपत्र, हक त्याग, पट्टे प्रतिदिन तैयार होते हैं।
60 करोड़ – राजस्व आय प्रतिदिन (लगभग)
20 – कर्मचारी मय आईटी संविदाकर्मी ऑपरेटर