मालाखेड़ा उपखंड क्षेत्र से बालेटा रैबारी बास होकर नाहर शक्ति धार्मिक स्थल पर जाने वाले कच्चे मार्ग के बीच में सुकड़ी नदी मैं बुधवार को भी तेज बारिश का बहाव जारी रहा। जिसके चलते कुछ लोग तो काम बहाव होने पर भी उसमें से बाइक निकालते नजर आए। जून के महीने में जहां सिलीबेरी स्थित एनीकट में हजार लीटर भी पानी नहीं रहा। वन्य जीव पशु पक्षी आने के लिए व्याकुल रहे वहीं जुलाई में हुई बारिश के बाद अगस्त सितंबर महीने तक रियासत कालीन इस जल स्त्रोत की कई बार चादर चली है जो पानी सुकड़ी नदी से होकर सिली बेरी बांध पर जा रहा है।
सुकड़ी नदी के बहाव में इस जल स्त्रोत का पानी मिल जाने पर उसका तीव्र वेग हो जाता है। जिससे बालेटा स्थित नवनिर्मित सिली बेरी बांध का जल संग्रहण काफी क्षेत्र में भर गया है इससे सैकड़ो गांव में जल स्तर बढ़ने लगा है। सुरक्षा की दृष्टि से पहाड़ी क्षेत्र से बहने वाली इस नदी के बहाव क्षेत्र से निकलना उचित नहीं है। पिछले दिनों भी यहां एक युवक की मौत हो चुकी है तथा आधा दर्जन से अधिक लोग पानी के बहाव में फंस गए थे। जहां पानी का वेग कम होने के बाद वह इस नदी से निकल सके और नाहर शक्ति माता के पहुंचे।