मालाखेड़ा गांव क्रासका में सूर्य बांध मूसलाधार बारिश के चलते भर गया। वहीं उसकी मिट्टी की पाल को अंदर से ही मगरमच्छ ने भोजन की तलाश में बड़ा होल कर दिया। जिससे तेज गति से पानी बहने लगा। वहीं, बांध की पाल के रिसाव के बाद शुक्रवार को नलदेश्वर धाम में करीब ढाई सौ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक फंस गए। जिन्हें एनडीआरएफ व प्रशासन की मदद से बाहर निकाला गया।
सूचना पाकर तुरंत पंचायत समिति मालाखेड़ा, सरिस्का, जिला परिषद के कर्मचारियों ने लोहे का जाल लगाकर मगरमच्छों को पानी के साथ बहने से रोकने का प्रयास किया। क्रॉसका के सूर्य बांध में मगरमच्छ है। सूचना के बाद पूरी टीम मौके पर पहुंची और उस तरफ लोहे का जाल लगाया। जिससे मगरमच्छ उस कटाव से बाहर नहीं निकल पाए।
सरपंच माधोगढ़ सुशीला ने सभी से अपील की है क्रास्का स्थित सूर्य बांध ठीक नहीं होने तक पानी का बहाव बना रहेगा। इसलिए नंलदेश्वर वाले नाले में श्रद्धालु नहीं जाए। क्रास्का के सूर्य बांध पर वन विभाग के अधिकारी शनिवार को सुबह एसीएफ सन्तोष, सदर रैजर कप्तान सिंह, मय जाप्ता मौजूद रहे तथा मरम्मत का कार्य किया गया। जिला परिषद एक्सईएन सुमित जैन, मालाखेडा विकास अधिकारी ओमप्रकाश सेनी, सरपंच प्रतिनिधि पेमाराम सैनी, मोके पर पहुंचे। वन विभाग के अधीन आने वाला यह सूर्य बांध पर यहाँ रात्री में कार्य करवाया जाना सम्भव नही था। क्योंकि इस बांध में सैकडो मगरमच्छ है तथा यह टाईगर विचरण क्षेत्र है। सरपंच सुशीला ने बताया क्रॉसका ग्राम पंचायत का गांव है जहां उन सब की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरिस्का वन विभाग का सहयोग पंचायत की ओर से किया जा रहा है।
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