बारिश होने के साथ अरावली पर्वत के पहाड़ों से बारिश का पानी आने से करीब एक दशक बाद सूकड़ी श्यामगंगा के नाम से जाने वाली नदी में जबरदस्त पानी आया। तेज बारिश के होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा रेबारी बास, भाटाला बास, नाहर शक्ति, सिली बेरी, क्षेत्र में सभी पहाड़ी नाले बहने लगे। भाटाला बास निवासी मंगतू राम रेबारी, भगवान सहाय, मानसिंह, महेंद्र ने बताया काफी एक दशक के इंतजार के बाद नदी में पानी आया है। किसानों के सभी ट्यूबवेल जो सूखे पड़े हैं। वह जीवित हो सकेंगे।
उन्होंने बताया यह इतनी जबरदस्त बारिश थी कि भाटाला की ओर जाने वाला पूरा सड़क मार्ग पूरे दिन बंद रहा। सुरक्षा की दृष्टि से बहते हुए पानी से कोई भी नहीं निकला। इस सुकड़ी नदी मे कालीघाटी, पांडुपोल, नाहर शक्ति, रोटक्याला सहित कई पहाड़ों का पानी इकट्ठा होकर आया। इसी कारण से बड़े वेग से सुकड़ी नदी का बहाव तेज हो गया। उधर पांडुपोल भर्तहरी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद तेराह के समीप रूपारेल नदी मे बारिश का पानी बड़ी वेग से आया। जिससे जयसमंद बांध और भरतपुर की ओर जाने वाली नदी में भी सुबह से शाम तक यह बहाव जारी रहा प्रशासन की ओर से मौके पर किसी भी प्रकार के सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं देखे गए जिसके चलते रहते हुए पानी के आसपास लोग बेखबर होकर मोबाइल से रील बनाते रहे।
सरिस्का के पहाड़ों में बारिश के बाद रूपारेल नदी में आया पानी, देखने उमड़े लोग