यह मूर्ति जयपुर में तैयार हो रही है और जमीन से करीब सवा तीन फीट की ऊंचाई की है। इस दिन मंदिर में धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। अभी यहां पर खाटू श्याम जी व नव ग्रह के विग्रह विराजमान किए गए हैं। मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
मंदिर की ऊपरी मंजिल में भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर परिसर की दीवारों पर भगवान राम के जीवन से जुडे़ चित्र लगाए जाएंगे।
अपना घर शालीमार के डायरेक्टर अशेाक सैनी ने बताया कि यहां पर एक ही स्थान पर अन्य देवी देवताओं के भी दर्शन हो सकेंगे। मंदिर परिसर में ही बैरागी शिव की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जो कि आंध्रप्रदेश से लाई जाएगी।मंदिर के निर्माण् कार्य में धोलपुर व करौली के सफेद पत्थरों का प्रयोग किया गया हैं। इसमें करोडों रुपए का बजट खर्च होगा जो सभी के सहयोग से किया जा रहा है। इस परिसर में ही हाल् आदि का निर्माण भी करवाया है। जिसमें शादी ब्याह, जन्मोत्सव सहित अन्य आयोजन किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि अपनाघर शालीमार के मुख्य गेट के बाहर भी भगवान राम की करीब 70 फीट उऊंची प्रतिमा विराजमान है जो कि भक्तों की आस्था का केंद्र हैं। यहां पर राम नवमी सहित अन्य अवसरों पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।