
नौगांवा थाना इलाके में रघुनाथगढ़ के पास तेलिया बास में पुलिस दबिश के दौरान हुई बच्ची की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने एक जांच समिति गठित की थी, जिसने आज तेलिया बास पहुंचकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।
समिति के सदस्यों ने घटनास्थल का दौरा किया और चश्मदीदों से बातचीत की। उन्होंने परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और पूरी घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की दबिश के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे मासूम बच्ची की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत,विधायक बलजीत यादव सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।
ये है पूरा मामला
नौगांवा थाना इलाके में रघुनाथगढ़ के पास तेलिया का बास में नौगांवा थाना पुलिस ने 2 मार्च को साइबर ठगों को पकड़ने के लिए इमरान के घर में दबिश दी थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि एक पुलिसकर्मी ने चारपाई पर सो रही बच्ची अलिसबा पर पैर रख दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अलिसबा महज एक महीने की थी। यह भी आरोप है कि पुलिस ने बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं करने दिया और खाली कागज पर साइन करवा लिए। 2 मार्च को परिजनों व ग्रामीणों ने एसपी के आवास के बाहर धरना दिया था। शाम को एसपी ने हेड कांस्टेबल जगवीर और गिरधारी तथा कांस्टेबल ऋषि, सुनील और शाहिद को लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं लाइन हाजिर किए गए दोनों हेड कांस्टेबल जगवीर और गिरधारी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया था।