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मालाखेड़ा में रामसापीर जयंती पर भव्य पूजा और भंडारे का आयोजन

यह 400 साल पुराना रामदेव मंदिर है, जिसमें लाछा बाई, सुगना बाई, और हरजी भाटी की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं।

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मालाखेड़ा अलवर मार्ग स्थित मालवीय नगर के प्राचीन रामदेव के मंदिर पर रामसापीर जयंती के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुयायियों ने एकत्र होकर श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना की। शुक्रवार सुबह रामदेव बाबा को मालपुए, नारियल, और फलों का प्रसाद अर्पित किया गया। पूजा के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें राहगीरों और कोचिंग सेंटर के बच्चों सहित सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

महंत सूरज कुमार के अनुसार, यह 400 साल पुराना रामदेव मंदिर है, जिसमें लाछा बाई, सुगना बाई, और हरजी भाटी की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं। यहाँ दशमी के दिन हर साल भक्तों की ओर से पूजा और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बाबा रामसापीर, जो सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, ने अपने जीवन में समाज से रूढ़िवादिता और छुआछूत समाप्त करने का प्रयास किया। भक्त हजारीलाल मीणा ने बताया कि बाबा की कृपा से हर साल जयंती पर भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।