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जमकर बरसे मेघ: वर्षों बाद बहने लगी सुकड़ी नदी, एनीकट पर चली चादर
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जमकर बरसे मेघ: वर्षों बाद बहने लगी सुकड़ी नदी, एनीकट पर चली चादर

मालाखेड़ा सिलीबेरी तथा पांडुपोल क्षेत्र में जबरदस्त बारिश होने के बाद वर्षों से सूखी पड़ी सुकड़ी नदी तेज वेग से बहने लगी जिससे नदी बहाव क्षेत्र में बनाए गए एनीकट लबालब हो गए।

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मालाखेड़ा सिलीबेरी तथा पांडुपोल क्षेत्र में जबरदस्त बारिश होने के बाद वर्षों से सूखी पड़ी सुकड़ी नदी तेज वेग से बहने लगी जिससे नदी बहाव क्षेत्र में बनाए गए एनीकट लबालब हो गए। उनके उपरा चलने लगी जिसे ग्रामीण देखने के लिए मौके पर पहुंचे। शनिवार को मानसून सक्रिय रहने इंद्रदेव की मेहरबानी बजरंगबली की कृपा से पांडूपोल सिली बेरी के पहाड़ों में जबरदस्त बारिश शनिवार को हुई।

जिसके चलते काफी वर्षों से बर्बाद हो रही सुकड़ी नदी बारिश के पानी से आबाद हो गई। और कल कल कर बहने लगी। वहीं इसी नदी के बहाव क्षेत्र में अहिरवास गांव के समीप बनाए गए एनीकट की उपरा चलने लगी। जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। सुकड़ी नदी में एनीकट बनने से बारिश का पानी रुकेगा। जिससे भूमिगत रिचार्ज होगा पानी की बर्बादी नहीं होगी। प्रकृति से मिलने वाले इस अमृत रूपी बारिश का पानी सहेजने के लिए डीआरडीओ तथा ग्रामोदय विकास समिति ने तीन एनीकट बनाए हैं।

जिसमें ग्राम पंचायत पुनखर का संपूर्ण सहयोग प्रत्येक क्षेत्र में प्रदान किया गया। इस पंचायत की सरपंच भगवती देवी, समाजसेवी बी एल मीणा का कहना है एनीकट में बारिश का जल रुकने से भूमि का जलस्तर बढ़ेगा। जिससे ट्यूबवेल जीवित रह सकेंगे। वहीं करीब दो दर्जन से अधिक गांवों को सुकड़ी नदी में बने हुए एनीकट से लाभ मिलेगा। ढीगावडा सरपंच कैलाश ने बताया अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अलावा राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दुबई भजेड़ा ढीगावडा सहित अन्य गांव में भी जल स्तर बढ़ेगा।

करीब 10 वर्ष बाद सुकड़ी नदी मे बारिश के पानी की आवक हुई है जो अच्छा संकेत है। यह नदी रूपारेल की सहायक नदी है जो अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ही आगे जाकर उसी में मिल जाती है। समाजसेवी बी एल मीणा ने ग्रामोदय विकास समिति व डीआरडीओ के अधिकारियों को तीन और एनीकट बनाने के लिए ग्राम पंचायत पुनखर की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेज रखे हैं। उनको स्वीकृत कर कार्य करवाने की ग्रामीणों की ओर से पुरजोर मांग की है।