अलवर जिले के मालाखेड़ा उपखंड मुख्यालय पर चिकित्सकों के रिक्त पद के चलते रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसमी बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है जिसमें डेंगू मलेरिया वायरल उल्टी दस्त पेट दर्द के रोगी बढ़ रहे हैं इसलिए मालाखेड़ा में आउटडोर 650 के पार हो गया। डॉक्टर की उदासीनता भी रोगियों के लिए भारी पड़ रही है।
गुरुवार को करीब 60 गांव के रोगियों के रोग उपचार के लिए एक महिला और एक पुरुष चिकित्सक ही रोग उपचार के लिए मौजूद रहे। जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मारपीट घटना की रिपोर्ट करने के लिए आउटडोर छोड़कर चले गए। जिसके चलते आउटडोर कक्ष के बाहर रोगियों की लंबी कतार लगी रही। जिसमें बुजुर्ग महिला पुरुष सहित डॉक्टर के इंतजार में खड़े रहे। उधर महिला चिकित्सक सामान्य रोगियों को देखने में आनाकानी कर रही थी।
इसको लेकर भी रोगियों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। मौके पर मालाखेड़ा, बिजवाड़, लिली, कलसाडा, सुमेल, बरखेड़ा, जमालपुर, ढाकपुरी, सहित अन्य गांव के सैकड़ो लोग मौसमी बीमारी से ग्रसित थे। जो रोग उपचार के लिए मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचे। लेकिन उनको भी यहां कतार में खडे रहकर धक्के खाने पड़े। डॉक्टर के समय पर नहीं आने पर निजी अस्पताल में जाकर इलाज करवाना पड़ा। खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी लोकेश मीणा का कहना था एक महिला चिकित्सक वह पुरुष चिकित्सक आउटडोर में थे। जहां एक पुरुष चिकित्सक मेडिकल लीगल रिपोर्ट बनाने चला गया। एक चिकित्सक बीमार है। जो छुट्टी पर है कई पद रिक्त चल रहे हैं।