शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अलवर आए हुए हैं। वे गौ प्रतिष्ठा संकल्प यात्रा के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए लोगो को प्रेरित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
अलवर पावन भूमि
शंकराचार्य ने कहा कि अलवर राजा भर्तृहरि की तपोभूमि रहा है। पांडवों ने भी अज्ञातवास का समय सरिस्का के जंगलों में बिताया। उनसे मिलने भगवान श्रीकृष्ण भी यहां आते थे। इस तरह यह बहुत ही पावन भूमि है। इस दौरान उन्होंने राजा भर्तृहरि के वैराग्य धारण करने की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा की जो जिससे सबसे अधिक प्रेम करता है अपना सब कुछ उसी को दे देता है। महाराजा ने भी यही किया अमर फल अपनी रानी को दे दिया।