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केमिकल प्लांट में आग से तीन और श्रमिक जिंदा जले, कुल चार की मौत

टपूकड़ा (अलवर). खुशखेड़ा थानांतर्गत मंगलवार शाम करीब 6 बजे वर्तिका केमिकल जी एक रीको इंडस्ट्रीयल एरिया प्लांट में भीषण आग लग गई थी। जिसमें करीब 9 कर्मचारी आग में झुलस गए थे और चार श्रमिक झुलसकर मलबे में दब गए थे। इनमें से एक श्रमिक की आग लगने के कुछ देर बाद मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बुधवार सुबह तीन और श्रमिकों के शव मलबे से निकाले गए थे। जिनकी आग में झुलसने व मलबे में दबने के कारण मौत हो गई थी। हादसे में घायल श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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टपूकड़ा (अलवर). खुशखेड़ा थानांतर्गत मंगलवार शाम करीब 6 बजे वर्तिका केमिकल जी एक रीको इंडस्ट्रीयल एरिया प्लांट में भीषण आग लग गई थी। जिसमें करीब 9 कर्मचारी आग में झुलस गए थे और चार श्रमिक झुलसकर मलबे में दब गए थे। इनमें से एक श्रमिक की आग लगने के कुछ देर बाद मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बुधवार सुबह तीन और श्रमिकों के शव मलबे से निकाले गए थे। जिनकी आग में झुलसने व मलबे में दबने के कारण मौत हो गई थी। हादसे में घायल श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जानकारी के अनुसार रात को अस्पताल में भर्ती कराए गए 9 श्रमिकों के अलवा फैक्ट्री कर्मचारी विशाल (23) पुत्र राजकुमार निवासी चंदोकी अमेठी यूपी हाल खुशखेड़ा, अजय (21) पुत्र जयशंकर निवासी गोगव खेता मिर्जापुर जिगना यूपी, विकास (23) पुत्र अभयराज निसाद निवासी गोगव खेता मिर्जापुर जिगना यूपी व राजकुमार (35) पुत्र बंसीलाल निवासी नहलत ढोढा जम्मू कश्मीर हाल खुशखेड़ा आग से झुलस गए एवं मलबे में दब गए थे। जिनकी आग में झुलसने व दम घुटने से मौत हो गई। एक कर्मचारी को रात को ही मृत अवस्था में निकाल लिया गया था। जबकि तीन मृतक कर्मचारियों को बुधवार सुबह निकाला गया। जिसके शव को मौके से टपूकड़ा सीएचसी पहुंचाया गया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दी। बुधवार शाम तक मृतकों के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। सभी शव को एम्बुलेंस से उनके निवास तक पहुंचाया गया। वहीं हादसे में झुलसे श्रमिकों का इलाज चल रहा है।

कोयल बन गए श्रमिकों के शव

– फैक्ट्री में आग लगने के दौरान केमिकल में विस्फोट हो गया। इस दौराने ये चारों अंदर ही थे और आग में झुलसने तथा मलबे में दबने से इनकी मौत हो गई। आग के कारण इनके शव बुरी तरह जल गए थे।

परिजनों में मची चीख पुकार

– जब शाम को मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे और शवों को देखकर उनमें चीख पुकार मच गई। परिजनों का वहां रो- रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिसकर्मी, फैक्ट्री कर्मचारी सहित अन्य लोग उनको सांत्वाना दे रहे थे। अस्पताल का माहौल काफी गमगीन हो गया।

13 दमकलों ने 50 फेरे में बुझाई थी 3 घंटे में आग

फैक्ट्री में करीब 13 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। जिसमें चौपानकी की 1, रीको भिवाड़ी की 3, नगर परिषद भिवाड़ी की 2, खुशखेड़ा रीको की 2, होंडा की 1, तिजारा की 1, किशनगढ़बास की 1, तावडू की 1 दमकल ने करीब 50 फेरे लगाकर 3 घंटे में आग पर मशक्कत से काबू पाया था।