गहलोत सरकार ने 2021 में मालाखेड़ा सीएचसी को आदर्श सीएचसी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। जर्जर भवन में मरीजों और डॉक्टरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब अकबरपुर को आदर्श सीएचसी बनाने की चर्चा है, जिसे राजनीतिक वर्चस्व से जोड़ा जा रहा है। पुराना अस्पताल 60 साल पुराना और जर्जर है, जिसे सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अनुपयोगी घोषित कर दिया। मरम्मत की मांग पर एनआरएचएम ने इसे असुरक्षित बताया। मालाखेड़ा अस्पताल में पर्याप्त कक्ष और सुविधाएं नहीं हैं, जबकि रोजाना 700 से अधिक मरीज आते हैं। स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने जल्द नया भवन बनाने और बजट स्वीकृत करने की मांग की है। हालांकि, अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, और अकबरपुर के लिए सिफारिशें हो चुकी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए मालाखेड़ा में नया अस्पताल जरूरी है।