15 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धर्म/ज्योतिष
आज का पंचांग, गुरुवार 16 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika
Play video

आज का पंचांग, गुरुवार 16 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

गुरुवार 16 अक्टूबर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

Google source verification

भारत

image

Kamlesh Kholiya

Oct 16, 2025

🌟(आज का पंचांग – गुरुवार, 16 अक्टूबर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 23 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – कार्तिक
पक्ष – कृष्ण

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 7:56 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 10:47 से 3:03 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 4:29 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – दशमी तिथि दिन 10:36 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 1:30 से 3:00 तक रहेगा।

नक्षत्र – अश्लेषा नक्षत्र दिन 12:42 तक होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा।
योग – शुभ योग रहेगा रात्रि 2:11 तक रहेगा तदुपरान्त शुक्ल योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 10:36 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।

विशिष्ट योग -, ज्वालामुखी योग दिन 10:36 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 10:36 तक, बुध विशाखा नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 7:05 पर, विश्व खाद्य दिवस, गंडमूल संपूर्ण दिन रात्रि,

चन्द्रमा – आज दिन 12:42 तक कर्क राशि में होगा तदुपरान्त सिंह राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 12:42 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी तदुपरान्त सिंह राशि होगी। आज दिन 12:42 तक अश्लेषा नक्षत्र होगा। तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर डे, डो, म, मी, मू पर रखे जा सकते हैं।

कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं। यह जल प्रधान राशि है। ये बहुत भावुक होते हैं। भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं। सुन्दर व आकर्षक होते है। व्यवहार मिलनसार होता है। कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं। ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं। ये प्राकृतिक सौंदर्य, कला-संगीत व् साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्