मृदुल पुरोहित. बांसवाड़ा. प्रदेश में आम उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली आपूर्ति के दौरान तकनीकी खामियों को दूर करने वाले तकनीकी कर्मचारियों की जानमाल की सुरक्षा के प्रति आला अधिकारी बेपरवाह हैं। कार्यस्थल पर गुणवत्तायुक्त उपकरणों और सामग्री के अभाव में करंट का झटका लगने सहित विभिन्न कारणों से बीते तीन वर्ष में प्रदेश में करीब 30 से अधिक तकनीकी कर्मचारी अपनी जान गंवा बैठे हैं। इसके बावजूद निचले स्तर के इन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। बांसवाड़ा जिले में 21 जून से 18 जुलाई के बीच लाइन पर कार्य करते समय दो हादसे हुए हैं। इसमें 21 जून को देलवाड़ा फीडर क्षेत्र में प्राइवेट कार्मिक की मौत हुई। इसके बाद गत 18 जुलाई को चिडिय़ावासा में विद्युत निगम के तकनीकी कर्मचारी नटवर यादव की लाइन पर ही करंट से मौत हुई। इन हादसों के बाद तकनीकी कार्मिकों की कार्यशैली की पड़ताल करने पर सामने आया कि पर्याप्त सुरक्षा सामग्री और अच्छी क्वालिटी के उपकरणों का अभाव उनकी जान पर भारी पड़ रहा है।
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इतने कार्मिकों की मौत
जानकारी के अनुसार बीते तीन साल में अजमेर डिस्कॉम के अधीन आने वाले जिलों में करीब 16 तकनीकी कर्मचारी हादसों का शिकार हुए हैं। वहीं जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र में छह और जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में आने वाले जिलों में 9 तकनीकी कार्मिकों की मौत हुई हैं।
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हादसों के प्रमुख कारण
शट-डाउन के निर्देशों की गंभीरता से पालना नहीं होना।
पोल पर कार्य चलने के दौरान जीएसएस से बिना सूचना लाइन शुरू करना।
गुणवत्तायुक्त उपकरणों का अभाव।
एक ही स्थान पर लाइन क्रॉसिंग।
जीएसएस व ट्रांसफार्मर पर प्रोपर अर्थिंग नहीं होना।
ठेकाकर्मियों की ओर से डाली लाइनों का पर्यवेक्षण नहीं होना।
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सात साल से नहीं मिले सेफ्टी शूज
जीएसएस व लाइन पर कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारियों को अर्थिंग चेन मय टाय रॉड, लाइफ रिससिटेटर, रिचार्जेबल टार्च, पाइप रिंच, रबड़ के दस्ताने, इन्सूलेटेड प्लायर व स्क्रू ड्राइवर, स्पेनर सेट, एसी वोल्टेज डिटेक्टर, डिस्चर्ज रॉड, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, सेफ्टी शूज सहित करीब 18 फीट की सीढ़ी आदि की उपलब्धता अत्यंत जरूरी है। इसके बावजूद तकनीकी कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त सामग्री नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों का दावा है कि कार्य के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन धरातलीय स्थिति यह है कि तकनीकी कर्मचारियों को बीते सात साल में सेफ्टी शूज ही नहीं मिले हैं।
बांसवाड़ा. बिजली बचाओ की सीख देने वाले अजमेर विद्युत वितरण निगम में अधिकारी-कर्मचारी खुद लापरवाह है।
01 – 220 केवी जीएसएस
06 – 132 केवी जीएसएस
85 – 33/11 केवी जीएसएस
547 – तकनीकी कर्मचारी
समय-समय पर मिले सामग्री
तकनीकी कर्मचारियों को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए हैं। पर्याप्त संख्या में समय-समय पर सामग्री मिलने पर हादसों में कमी लाई जा सकती है। इसके लिए निगम अधिकारियों को भी पहल करनी चाहिए।
– भगवतीलाल डिंडोर, जिलाध्यक्ष, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन