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70 फीसदी सरकारी स्कूल भवन जर्जर , कहां बैठकर करे पढ़ाई
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70 फीसदी सरकारी स्कूल भवन जर्जर , कहां बैठकर करे पढ़ाई

झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बालकों की मौत के बाद ही जयपुर ग्रामीण इलाके में ​शिक्षा विभाग की नींद खुली और ​शिक्षा विभाग के उच्च अ​धिकारियों ने जब ब्लॉक स्तर से अपने - अपने इलाकों में संचालित सरकारी स्कूलों के भवनों की रिपोर्ट मांगी तो खुलासा हुआ कि अकेले बस्सी ब्लॉक में ही 70 तो कहीं 75 फीसदी सरकारी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त है।
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बस्सी @ पत्रिका.झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बालकों की मौत के बाद ही जयपुर ग्रामीण इलाके में ​शिक्षा विभाग की नींद खुली और ​शिक्षा विभाग के उच्च अ​धिकारियों ने जब ब्लॉक स्तर से अपने – अपने इलाकों में संचालित सरकारी स्कूलों के भवनों की रिपोर्ट मांगी तो खुलासा हुआ कि अकेले बस्सी ब्लॉक में ही 70 तो कहीं 75 फीसदी सरकारी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त है।

किसी स्कूल के भवन में कहीं छत टपक रही है तो कहीं पर छत से पल्स्तर गिर रहा है तो कहीं दीवारों में सीलन आ रही है। जिला कलक्टर ने आदेश दिए थे कि निर्देश पर ​शिक्षा विभाग के सभी ब्लॉक मुख्य ​शिक्षाअ​धिकारी गत दिवस देर रात तक अपने – अपने इलाके में क्षतिग्रस्त स्कूलों की रिपोर्ट खंगालते रहे।

156 में से 108 स्कूल क्षतिग्रस्त….

यदि बस्सी ब्लॉक की बात करें तो सरकारी स्कूलों की हालत खराब चल रही है। ब्लॉक बस्सी में 156 सरकारी स्कूल है, जिनमें से 108 यानि कुल स्कूलों को 70 फीसदी सरकारी स्कूलों के भवन में कहीं पर दीवारों में दरारें आ रही है तो कहीं पर भवन से पानी टपकता है, कहीं पर प्लास्तर गिर गया।

जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्तर की 105 स्कूलें हैं, जिनमें से 61 स्कूलों के भवन जर्जर है। वहीं यूपीएस लेवल की 51 स्कूलें हैं, जिनमें से 47 स्कूलों के भवन क्षतिग्रस्त है। यानि यूपीएस लेवल की स्कूलों में तो बस्सी ब्लॉक में मात्र सात ही स्कूलों के भवन ठीक है, बाकि 47 के हालात खराब है।

कहीं पर खुले में बिठाया तो कहीं पर कर दी छुट्टी….

गत रात को बरसात होने से सुबह सरकारी स्कूलों बात की जाए तो अ​धिकांश स्कूलों के भवनों में दीवारों में दरारें आने एवं प्लास्टर गिरने के बाद अ​धिकांश क्षतिग्रस्त स्कूलों के संस्था प्रधानों ने पांचवीं कक्षा तक के बालकों की छुट्टी कर दी। वहीं कहीं पर एक – एक कमरे में चार – चार कक्षाओं के बालकों को बिठाया गया। वहीं कहीं पर बालकों को कक्षा कक्षों की बजाय बरामदे में बिठाया गया। (कासं )

इनका कहना है…

स्कूलों का निरीक्षण किया

उनके ब्लॉक में जिन जिन सरकारी स्कूलों के भवन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी थी, उनमें उनकी कण्डीशन देखने के लिए विभागीय अ​भियंताओं को भेजा गया है, ताकि वे बारीकी से निरीक्षण कर सके। वहीं उन्होंने भी कई स्ककूलों का निरीक्षण कर संस्था प्रधानों को बालकों की सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए।

– देवी शंकर शर्मा, सीबीईओ बस्सी।

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