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भीलवाड़ा

हम दर्द से 6 माह से चिल्ला रहे, जिम्मेदार सुनते नहीं

शहर की खस्ताहाल सड़कों का मामला, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी

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भीलवाड़ा भीलवाड़ा शहर की सड़कें जगह-जगह से उखड़ी हुई है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आए दिन हादसे के शिकार हो रहे है। शहर में आवाजाही सुरक्षित नहीं है। 6 माह पहले से इस समस्या को लेकर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को बताने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। कुछ ऐसा ही दर्द अब शहर की जनता की जुबां पर आने लगा हैं।वैसे तो पूरे शहर में सड़कों की दशा खराब हैं, लेकिन न्यू हाउसिंग बोर्ड शास्त्री नगर सहित कई कॉलोनियां ऐसी भी है, जहां जनता का सब्र जवाब देने लग गया है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यहां अफसरों को एक बार आकर सुरक्षित निकलकर बताना होगा, ताकि जनता की पीड़ा उन्हें समझ में आ सके।

यहां भी बिगड़ रहे हालशहर की पॉश आरसी व्यास कॉलोनी की दशा भी बिगड़ने लगी है। यहां भी गड्ढे पानी से भरे हुए है। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही हैं। नेहरू रोड़ चौराहे पर भी कदम दो कदम गड्ढे लोगों के सुरक्षित सफर में रोड़ा बने हुए है। ऐसे ही हाल कावाखेड़ा चौराहे सहित शहर की अन्य सड़कों के भी हैं।

————न्यू हाउसिंग बोर्ड शास्त्री नगर में स्कूल बसें निकलती है। आए दिन हादसे हो रहे है। 6 माह से पार्षद को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई सुनवाई तक नहीं हो रही है। खस्ताहाल सड़कों पर हर दिन वाहन फंस रहे है। यूआईटी, नगरपरिषद एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एक बार इन मागोZं पर वाहन लेकर आए तो उन्हें हकीकत पता चलेगा। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे है। आखिर इन हालातों में कब तक लोगों को जीवन बसर करना पड़ेगा।

प्रवीण नैनावटी न्यू हाउसिंग बोर्ड शास्त्री नगर———

सड़कें खस्ताहाल होने से पूरे शहर की दशा बिगड़ी हुई है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गली-मोहल्लों के साथ ही शहर की प्रमुख सड़कें भी क्षतिग्रस्त है। समस्या का जल्द समाधान जरूरी है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

मंजू बापना