बीकानेर . बीकानेर में नीट का सेंटर बनने के बाद पहली बार नीट की परीक्षा आयोजित की गई। इससे बीकानेर के विद्यार्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा देने की परेशानी दूर हो गई। सीबीएसई की ओर से रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित की गई। बीकानेर शहर में ९ सेंटरों पर करीब ५१०० छात्रों ने परीक्षा दी।
परीक्षा सुबह १० से १ बजे तक होगी। छात्रों को गर्मी में परीक्षा समय से ढ़ाई घंटे पहले ही लाइनों में खड़ा होना पड़ा। परीक्षार्थी को सुबह ९.३० बजे के बाद प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान दिल्ली व सीबीएसई के अधिकारियों की टीमों ने छात्रों की जांच की। प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों पर ऑब्र्जवर लगाए गए थे। परीक्षा खत्म होने के बाद सेंटरों के बाद काफी भीड़ रही। इससे एकबारगी आवागमन बाधित हो गया।
प्रत्येक विद्यार्थी दिखा टी-शर्ट व चप्पल में
परीक्षार्थी सिर्फ अपना पासपोर्ट साइज फोटो व प्रवेश साथ लेकर गए। वहीं विद्यार्थी नीट की घड़ी से अपनी घड़ी का मिलान करके गए थे। सीबीएसई की ओर से आयोजित नीट परीक्षा में विद्यार्थी टी-शर्ट व चप्पल में दिखे। इस दौरान छात्रों को पूरी बांह वाली, बड़े बटन की शर्ट व बेल्ट, छात्राओं को बड़े बटन के कुर्ते पहनकर आने की अनुमति नहीं दी गई।
इन्हें लाइट कलर की हाफ शर्ट या टी-शर्ट तथा छोटे बटन वाले कुर्ते पहनकर आए थे। जूते व ऊंचे सेंडल भी वर्जित था। चप्पल व छोटी हील वाली सेंडल पहनकर आए थे। विद्यार्थी हाथों से रिंग व चेन आदि सभी उतारकर आए थे। छात्राएं मैटल की चेन, कान के झुमके, बालों में ब्रोज पहनकर नहीं आए। उन्हें सिर्फ कपड़े का ब्रुज पहनकर आने की अनुमति दी गई।