नई मूंगफली बाजार में आने के साथ ही मूंगफली भुनने का काम शुरू हो गया है। मूंगफली सिकायी में बीकानेर की देशभर में धाक है। यही वजह है कि यहां मूंगफली भुनने या सेकने की कई इकाइयां भी लगी हुई है। वहीं पुराने शहर में कोतवाली के पास मूंगफली भुनने वालों की भट्टियां लगी हुई है। जिन पर दिनभर मूंगफली सेकने का काम चल रहा है।
इन शहरों में रहती है ज्यादा मांग
बीकानेर में भुनी मूंगफली वैसे तो देश के हर राज्य में जाती है लेकिन कोलकत्ता, बैगलुरू, मुम्बई, सूरत, अहमदाबाद में जहां मारवाड़ी परिवार अधिक है वहां ज्याद मांग रहती है। यहां पर मूंगफली भुनने के कारीगरों के हुनर का कमाल है कि जो स्वाद और रंग यहां की भुनी मूंगफली का होता है वह और कही नहीं मिलता।
मूंगफली का स्वाद गजब
हालांकि बीकानेर के बाद जयपुर की भुनी मूंगफली की भी देशभर में खासी मांग रहती है। यहां की मूंगफली की डिमांड की एक वजह यहां पैदा की गई मूंगफली का स्वाद भी है। यहां कुआं से खेती कर पैदा की गई मूंगफली का स्वाद गजब का होता है।
देशभर में सप्लाई होता गोटा
इसमें गोटा का प्रतिशत भी 75 से 85 तक रहता है। जो देश में सर्वाधिक माना जाता है। सफेद मूंगफली सबसे ज्यादा बाहर भेजी जाती है। इसी के साथ मूंगफली का भुना हुआ गोटा भी देशभर में सप्लाई किया जाता है।