नैनवां. नगरपालिका द्वारा पार्षदों की बिना सहमति के टेंडर जारी करने के विरोध में सोमवार को पार्षद नगरपालिका कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। धरना रात तक भी जारी रहा। नगरपालिका द्वारा विभिन्न कार्यों की ऑनलाइन टेंडर जारी करने की पार्षदों से सहमति नहीं लेने से खफा सत्ता पक्ष कांग्रेस व विपक्ष भाजपा के पार्षद एक जुट होकर सुबह 11 बजे नगरपालिका कार्यालय पर पहुंचे। अधिशासी अधिकारी नहीं होने से कर्मचारियों से टेंडर सम्बंधी जानकारी मांगी तो कर्मचारियों ने जानकारी देने में असमर्थता जता दी। पार्षद नबील अंसारी ने बताया कि एक कर्मचारी से डिस्पेच रजिस्टर दिखाने को कहा तो कर्मचारी रजिस्टर लेकर पालिका की दीवार फांदकर भाग गया। पार्षदों को टेंडर की जानकारी नहीं दी गई। जिसके विरोध में पालिका के गेट पर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठने वालों में पार्षद उम्मेद नागर, नबील अंसारी, अमृतराज मीणा, प्रमोद जैन, मोहम्मद सलीम, रजनीश शर्मा, भूपेन्द्र साहू, जितेन्द्र बैरवा, कपिल जैन, दुर्गालाल सैनी, रामबाबू वर्मा, गोविन्द सैनी, राजू चौधरी रहे। वहीं कई महिला पार्षदों के पति भी धरने पर बैठ गए। पार्षदों का आरोप है कि पालिका के डिस्पेच रजिस्टर में भी गड़बड़ी होने सेे पालिकाकर्मी रजिस्टर लेकर भागा। रजिस्टर में बीच की कई तारीखों के खाने खाली छोड़ रखे है। जबकि उनके आगे की तारीख में पत्र डिस्पेच हो रहे हैं। नगरपालिका की ओर सेे 29 दिसम्बर को आठ कार्यों के ऑनलाइन निविदा जारी थी, वह बोर्ड की बिना सहमति के जारी की थी। निविदा अपलोड होने के बाद ही पालिका प्रशासन ने निरस्त की। जिनके डिस्पेच नम्बरों में भी अंतर आ रहा है। पार्षदों ने पालिकाध्यक्ष के नाम अलग ज्ञापन दिया। जिसमें 24 घंटे में बोर्ड की बैठक आहुत करने की मांग की गई। बैठक के एजेण्डे में 8 फरवरी 2021 से अब तक किए भुगतान पर चर्चा करवाकर पार्षदों की समिति से जांच करवाने, पूर्व में किए 68 लाख के टैंडरों की पार्षदों की समिति से जांच कराने, बिना बोर्ड की सहमति से टेण्डर नहीं किए जाने सहित कई मांग की।