8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

छिंदवाड़ा

Whether: बेमौसम ओलावृष्टि और बारिश ने बढ़ाई चिंता

फसल पर असर के साथ मेंटेनेंस कास्ट बढ़ेगी

Google source verification

छिंदवाड़ा. मौसम की बेरुखी जारी है। गत दिवस दोपहर को गरज चमक के साथ तेज बूंदाबांदी जिले में हुई। जिले के चौरई क्षेत्र के कुछ गांवों में तो ओले भी गिरने की खबरें मिली है। दस तारीख से जिले में यह माहौल बना हुआ है। यह प्राकृतिक आपदा अब किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच रहीं है। जिले में कई किसानों का गेहूं अब कटने की स्थिति में है लेकिन आसमान को देखकर वे ठिठक रहे हैं दूसरी और कभी भी बरस रहे बादल उन्हें और चिंतित कर रहे हैं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले चार दिनों में जिले में बादल छाए रहने के साथ कहीं तेज बूंदाबांदी तो कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। स्थानीय मौसम सूचना केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार 18 मार्च तक अधिकांश क्षेत्रो में मध्यम से घने बादल रहेंगे और बारिश भी होगी। अधिकतम सापेक्षित आद्र्रता 60 से 75 प्रतिशत बताई जा रही है। इस दौरान ८ से १२ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी।
मंडी में भीगा अनाज
तेज गरज चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश में कुसमेली मंडी परिसर में रखा व्यापारियों का अनाज बुरी तरह भीग गया। हालांकि व्यापारियों ने ट्रकों में भरे अनाजों को तो तिरपाल से ढांक दिया था। लेकिन जमीन पर लगे छन्नों में पानी नीचे से भरा गया। उपर से पन्नी लगाने का भी कुछ असर नहीं दिखा। परिसर में किसानों का अनाज तो फैला नहीं दिखा लेकिन खुले में रखा व्यापारियों का अनाज जरूर गीला हो गया।
मेंटेनेंस कास्ट बढ़ेगी
मौसम जानकारों का कहना है कि बारिश पानी और अनिश्चितता भरे मौसम से फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को अतिरिक्त व्यवस्थाएं बनाने के लिए खर्च करना पड़ता है। यह मेंटेनेंस कास्ट को और बढ़ाता है। किसान बीज,पानी, दवा को लेकर पूरा हिसाब किताब बना कर रखता है लेकिन एेसी स्थितियां उसके खर्च को और बढ़ा देती हैं। किसान के लिए यह स्थितियां प्रतिकूल रहतीं हैं। आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र के सह संचालक डा वीके पराडकर ने बताया कि फसलों के लिए आने वाली यह आपदा पूरा गणित बिगाड़ देती है। उनका कहना है कि किसान हालातों को सहन करने के अलावा और कुछ करने लायक नहीं रह जाता।