मेहंदीपुर बालाज कस्बे के मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम 5:45 बजे एक दुकान में आग लग गई। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। फिलहाल प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची बालाजी थाना पुलिस ने टैंकरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद करीब पौने घंटे में आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक तीन दुकानों में रखा करीब 40 लाख रुपए का सामान जलकर राख हो गया था। साथ ही एक विश्राम गृह में भी करीब 10 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई है। हालांकि गनीमत यह रही की आगजनी की घटना के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
धुआं उठता हुआ दिखा तो आगजनी का पता चला
दुकान मालिक सुरेश सैनी सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि वो दुकान के बाहर बैठे थे। तभी दुकान के अंदर उन्हें धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। दुकान के अंदर जाकर देखा तो भीषण आग लगी हुई थी। मौजूद लोगों ने आग बुझाने के काफी प्रयास किए, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। ऐसे में पास में मौजूद कई दुकान भी आग की चपेट में आ गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बुद्धिप्रसाद तुरंत ही मौके पर पहुंच गए।
आधा दर्जन से अधिक टैंकरों से पाया काबू
इस दौरान थाना प्रभारी बुद्धिप्रसाद ने स्थानीय निवासी मेहराज मीना को फोन कर पानी के टैंकर मंगवाए। ऐसे में करीब आधा दर्जन टैंकरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद 45 मिनट में आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया कि आगजनी की दमकल कर्मियों को सूचना देने के बाद भी दमकल लेट हो गई। ऐसे में स्थानीय लोगों के सहयोग से टैंकर मंगवाए गए। जिनकी सहायता से आग पर काबू पाया गया।
विश्रामग्रह भी आया चपेट में
स्थानीय लोगों के अनुसार जब दुकानों में आगजनी की घटना घटित हुई, उस समय दुकानों के पास मौजूद विश्रामगृह में कई श्रद्धालु मौजूद थे। मौके पर मौजूद थाना पुलिस ने श्रद्धालुओं को काफी मुश्किलों के बाद सुरक्षित विश्रामग्रहों से बाहर निकाला। दुकानों में लगी आग इतनी भीषण थी की दुकानों के पास मौजूद एक विश्रामगृह भी आग की चपेट में आ गया। जिससे विश्रामगृह में लगे शीशे टूट गए, वहीं सीसीटीवी सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। साथ ही आग विश्रामगृह के अंदर तक पहुंच गई, लेकिन पानी के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया।
लाखों का सामान जलकर हुआ राख
मौके पर पहुंचे पटवारी राकेश मीना और पप्पू सैनी ने मौके पर पहुंचकर आगजनी की घटना से हुए नुकसान का आंकलन किया। पटवारी ने बताया कि आगजनी की घटना से तीन दुकानों में करीब 45 लाख रुपए और एक विश्रामगृह में करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
आग को काबू करने में इनकी रही मुख्य भूमिका
आग लगने की घटना के बाद मौके पर पहुंची बालाजी थाना पुलिस ने खुद की जान पर खेलकर भीषण आग को काबू में किया। इस दौरान बालाजी थाना प्रभारी बुद्धिप्रसाद, हैड कांस्टेबल उदय मीना, कांस्टेबल जितेंद्र चौधरी, दिलीप सिंह, जगमोहन ने आग को काबू करने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके चलते बड़ी जनहानि होने से टल गई।
दो दिन पहले ही हुआ था राष्ट्रपति का दौरा
कस्बे में 14 फरवरी को ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का बालाजी दर्शनों को लेकर दौरा था। ऐसे में प्रशासन की ओर से कस्बे में चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी, लेकिन शुक्रवार को कस्बे के मुख्य बाजार में घटी हुई भीषण आगजनी की घटना ने कहीं ना कहीं स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।