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फंगस को नियंत्रित कर बढ़ा सकते हैं ग्वार का उत्पादन, जून के दूसरे सप्ताह में बिजाई की दे रहे सलाह

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. फंगस को नियंत्रित कर किसान ग्वार का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में बिजाई ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। कृषि विभाग के अधिकारी अगेती की बजाई पछेती बिजाई को ज्यादा अच्छा मानते हैं। खरीफ सीजन में जिले में दो लाख से अधिक हैक्टेयर में ग्वार की बिजाई होती है।  

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फंगस को नियंत्रित कर बढ़ा सकते हैं ग्वार का उत्पादन, जून के दूसरे सप्ताह में बिजाई की दे रहे सलाह
-अगेती की बजाय पछेती बिजाई को मान रहे ज्यादा फायदेमंद

हनुमानगढ़. फंगस को नियंत्रित कर किसान ग्वार का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में बिजाई ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। कृषि विभाग के अधिकारी अगेती की बजाई पछेती बिजाई को ज्यादा अच्छा मानते हैं। खरीफ सीजन में जिले में दो लाख से अधिक हैक्टेयर में ग्वार की बिजाई होती है। बारानी क्षेत्र में बड़े स्तर पर इसकी बिजाई होती है। खरीफ सीजन में कॉटन के बाद ग्वार मुख्य फसल है। ग्वार की अच्छी किस्मों के कारण औसत पैदावार अधिक देखने को मिली है। लेकिन कुछ वर्षों में ट्यूबवेल के पानी, बिजाई के समय,उर्वरक का संतुलित उपयोग आदि उचित तरीके से नहीं होने के कारण अच्छी उपज देखने को नहीं मिल रही है। ग्वार फसल में किस्म का चुनाव, बिजाई का समय, संतुलित उर्वरक, बैक्टिरियल ब्लाइट तथा फंगस जनित रोग पर नियंत्रण करना ज्यादा अहम होता है। इस तरह की सावधानी रखकर औसत उपज बढ़ाई जा सकती है। ग्वार में लंबी बढ़वार, अधिक फैलाव, कम/अधिक पकाव अवधि किस्मों में से चुनाव और बिजाई का समय ही महत्वपूर्ण होता है। अगेती बिजाई से फसल की बढ़वार अधिक और उपज कम होती है। पछेती बिजाई से उपज अच्छी मिल सकती है। लेकिन रबी फसल नहीं ली जा सकती। अत: सिंचित एरिया के किसानों को ग्वार की बिजाई जून के दूसरे सप्ताह से अंतिम सप्ताह के मध्य करनी चाहिए। ग्वार में फंगीसाइड्स से बीजोपचार तथा फास्फेटिक उर्वरक का प्रयोग तथा ट्यूबवेल के पानी का उपयोग नहीं करके औसत उपज बढ़ा सकते हंै।

बढ़ रहा रुझान
अब किसान घग्घर क्षेत्र में धान की नर्सरी लगाने के काम में जुटेंगे। कुछ किसान अगेती धान की बुआई कर रहे हैं। जबकि खरीफ की अधिकांश फसलों की बुआई का समय जून के दूसरे पखवाड़े के बाद ही शुरू होता है। सिंचाई पानी की उपलब्धता को देखकर ही किसानों को धान की बिजाई करने की सलाह दी जा रही है। ताकि अच्छा उत्पादन लिया जा सके। जिले में अब धान की सरकारी खरीद भी हो रही है। इस वजह से किसानों का रुझान इसकी खेती की तरफ बढ़ रहा है।

……वर्जन….
खरीफ की मुख्य फसलों में कपास, ग्वार व धान शामिल है। इनकी बिजाई को लेकर किसानों को तकनीकी सलाह दे रहे हैं। फंगस को नियंत्रित कर किसान ग्वार का उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
-बीआर बाकोलिया, सहायक निदेशक, कृषि विभाग हनुमानगढ़