
राजस्थान में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तीसरी ताकत बनकर उभर रहे निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं। बेनीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस खेमे में खलबली मचाई हुई है। पर अब खुद हनुमान बेनीवाल के खेमे में ही खलबली मच गई है। दरअसल, हनुमान बेनीवाल की परम्परागत नागौर की खींवसर सीट से उनको चुनौती देने उतर रहीं हैं उन्हीं की भतीजी। जी हां, हनुमान बेनीवाल की भतीजी डॉ. अनिता बेनीवाल ने खींवसर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। फिलहाल उन्होंने भाजपा से टिकिट मांगकर दावेदारी जताई है। बेनीवाल की भतीजी डॉ. अनिता ने यहां तक घोषणा कर दी है कि यदि भाजपा से उन्हें टिकट नहीं भी मिलता है तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। डॉ अनीता ने अपने चाचा हनुमान बेनीवाल के बतौर विधायक हुए कामकाज पर सवाल भी उठाये हैं। उन्होंने कहा है कि खींवसर में जितना विकास होना चाहिए था, उतना वर्तमान जनप्रतिनिधि विकास नहीं करा पाए हैं। उनका कहना है कि जनता पिछले 10 साल में परेशान हैं। आपको बता दें कि खींवसर में हनुमान बेनीवाल का एक छत्र राज है और अब भतीजी के चुनाव मैदान में उतरने से बेनीवाल अपने ही घर में घिरते नजर आ रहे है। डॉ अनिता के दादा स्व रामदेव बेनीवाल विधायक रहे चुके है और पिता स्व रामप्रसाद भी सरपंच रहे थे ऐसे में राजनीति उन्हेें विरासत में मिली है। बेनीवाल की भतीजी के मैदान में उतरने से हनुमान बेनीवाल घर में घिर जाएंगे या इससे फर्क नहीं पड़ेगा यह आने वाले समय की बात है। लेकिन अनिता बेनीवाल ने हलचल जरुर मचा दी है।