जयपुर। नेहरू सहकार भवन में गुुुरुवार को राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड का ऑनलाइन पोर्टल प्रारंभ हुआ। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने आज वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ऋण आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने के लिए शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी, विशेष योग्यजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। पोर्टल पर अब सारा डाटा जनाधार से फेच किया जाएगा जिससे अन्य दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे आवेदनकर्त्ता के खाते में डीबीटी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से पारदर्शिता आएगी। आज सूचना तकनीक के युग में वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को पेंशन, छात्रवृति आदि सुविधाएं सीधे उनके खाते मेें मिल रही है। उन्होंने अनुजा निगम द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे ऋण एवं आर्थिक सहायता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के विकास एवं उत्थान हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 500 करोड़ रुपये के अनुसूचित जाति विकास कोष का गठन किया है। इस अवसर पर राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के उपाध्यक्ष अवधेश दिवाकर बैरवा व अन्य उपस्थित रहे।