जयपुर। इस बार मानसून मेहरबान होने से गुलाबीनगर की पेयजल लाइन लाइन बीसलपुर डेम बीते 15 दिन से छलक रहा है। अब तक डेम से जयपुर,अजमेर और टोंक जिले को एक साल में सप्लाई होने जितने पानी की बनास नदी में निकासी हो चुकी है। वहीं त्रिवेणी में पानी का बहाव थोड़ा कम होने पर बीती शाम डेम के खुले चार में से दो गेट बंद कर दिए हैं लेकिन अब भी खुले दो गेट से पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा है।
जल संसाधन विभाग की सूचना के अनुसार डेम की कुल भराव क्षमता 38.70 टीएमसी है जिसमें से 8 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए नहरों में छोड़ा जाता है। वहीं शेष मात्रा जलापूर्ति के लिए रिजर्व रखी जाती है। इसमें भी हर साल करीब पांच टीएमसी पानी का वाष्पीकरण होता है। बीते 19 अगस्त को ओवरफ्लो होने पर डेम के दो गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई जो अब तक जारी है। त्रिवेणी में पानी का बहाव कम ज्यादा रहने पर डेम के दो से चार गेट इस बार खोले गए हैं। बता दें तीन साल पहले वर्ष 2016 में डेम ओवरफ्लो होने पर 18 में से 16 गेट पानी की निकासी के लिए खोले गए थे और करीब डेढ़ महीने तक डेम के गेट खुले रहे। वहीं इस बार डेम मे उम्मीद से भी तेज पानी की आवक हुई हालांकि खोले गेट की संख्या पिछली बार की तुलना में आधे से भी कम रही है। डेम से अब तक 22 टीएमसी पानी की निकासी हो चुकी है और आगामी दिनों में भी आवक बने रहने पर निकासी जारी रहेगी।
आज सुबह डेम के दो गेट एक— एक मीटर उंचाई तक खोलकर 12020 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।