पंच महायोगों में बुधवार को गणेश चतुर्थी पर जयपुर के गणेश मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। घर-मंदिर और प्रतिष्ठानों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई। गणेश जी का अभिषेक कर सिंदूरी चोला चढ़ाया गया। डंके अर्पित किए गए। गुड़ धानी का भोग लगाकर धूप-दीप से आरती की गई। घरों में विराजे गणपति को दाल-बाटी-चूरमे का भोग लगाया। मंदिरों के आसपास मेले जैसा नजारा रहा।
परकोटे के 14 गेटों पर गणेश पूजन
जयपुर की चारदीवारी के मुख्य द्वारों पर स्थापित गणेशजी का पूजन किया गया। परकोटे के 14 गेटों और एक कनक घाटी गेट पर पूजन किया गया। अबूझ मुहूर्त के कारण गणेश चतुर्थी पर बड़ी संख्या में लोगों ने वाहन खरीदे। गृह प्रवेश, दुकान शुभारंभ और नींव पूजन के कार्यक्रम भी खूब हुए। मॉल्स से लेकर मार्केट तक में चहल पहल नजर आई। वाहन पूजन के लिए ध्वजाधीश गणेश मंदिर, नहर के गणेश जी मंदिर में भी वाहनों की कतारें नजर आई। ज्वैलरी की दुकानों पर भी भीड़ रही। शहर के मोतीडूंगरी गणेश जी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में मंगला आरती हुई।
भगवान गणेश ने 26 घंटे तक भक्तों को दर्शन दिए
भगवान गणेश ने 26 घंटे तक भक्तों को दर्शन दिए। रात 11.30 बजे तक मंदिर की चौखट से लेकर जेएलएन मार्ग पर जेडीए सर्किल के बाद तक करीब 700 मीटर तक लाइनों में भक्तों का रैला नजर आया। तख्तेशाही रोड पर रिजर्व बैंक तक और एमडी रोड पर लंबी कतार देखने को मिली। एक हजार से ज्यादा पदयात्राएं मंदिर पहुंची। देर रात तक 14 लाख लोगों ने दर्शन किए। पहली बार एआई कैमरे से हर एक गतिविधि पर नजर रखी गई। टोंक रोड पर यातायात धीमा रहा। चांदी के सिंहासन पर विराजे गणपति विशेष पोशाक धारण किए हुए नजर आए। शीश पर स्वर्ण मुकुट और पारंपरिक नौलखा श्रृंगार आकर्षण का केन्द्र रहा। भगवान को लापसी, मोदक, पूड़ी, सब्जी का भोग लगाया।
भक्त 365 सीढ़िया चढकर दर्शन को पहुंचे गढ़ गणेश मंदिर
नहर के गणेश मंदिर में महंत पं. जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का मनोरम श्रृंगार किया गया। दिनभर श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। यहां विशेष रोशनी आकर्षण का केंद्र रही। गणेश जी ने राजशाही पोशाक और स्वर्ण मंडित मुकुट के साथ दर्शन दिए। यहां लगभग सात लाख भक्तों ने दर्शन किए। दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा आश्रम स्थित गणेश मंदिर में गणपति का अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। फूल बंगला झांकी सजाकर छप्पन भोग अर्पित किए गए। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। गढ़ गणेश मंदिर की 365 सीढिय़ां चढक़र बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। फूलों की पोशाक धारण कराई गई। गुड़धानी और लड्डू का भोग लगाया गया। देर रात तक दो लाख लोगों ने दर्शन किए।
Ganesh Chaturthi 2025