15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

गुरु पूर्णिमा: गलता तीर्थ में किया पूर्ववर्ती आचार्यों का पूजन, साकार हुई गुरु शिष्य की पुरानी परंपरा

आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरू-शिष्य के आध्यात्मिक मिलन का पर्व गुरु पूर्णिमा रविवार को भक्तिभाव से मनाया जा रहा है

Google source verification

जयपुर. आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरू-शिष्य के आध्यात्मिक मिलन का पर्व गुरु पूर्णिमा रविवार को भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। इस मौके पर आज सुबह से ही शहर के मंदिरों-आश्रमों में गुरु पूजन के आयोजन हो रहे हैं। गुरुजनों ने शिष्यों को जीवन की दिशा बदलने के साथ सफलता के मंत्र बताए व नए शिष्यों को दीक्षा भी दी। कई जगहों पर व्यसन मुक्ति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। वहीं, शिष्यों ने भी गुरु के चरण पखार जीवन में नई शुरुआत के लिए आशीर्वाद मांगा।

उत्तर भारत की प्रमुख पीठ गलता तीर्थ में पूर्ववर्ती आचार्यों के पूजन के साथ ही तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव शुरू हुआ। पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में गालव ऋषि, रामानुजाचार्यजी, पयोहारीजी, कील्हजी से लेकर रामोदाराचार्य तक समस्त पूर्ववर्ती आचार्यों का पूजन किया गया। इसके साथ ही गुरु पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। शिष्य स्वामी अवधेशाचार्य का पूजन कर आशीर्वाद ले रहे है। वहीं नए शिष्य पंच संस्कारित होकर दीक्षा ग्रहण कर रहे है। पीठ के युवराज राघवेंद्र ने बताया कि पीठाधीश्वर नए शिष्यों को कंठी भी धारण करवाई। इसी दिन शाम 7 बजे स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में छोटी चौपड़ स्थित चतुर्भुज मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। 23 जुलाई, को संत भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा।

सरस निकुंज में आचार्यों की पादुका पूजन

श्री शुक संप्रदाय आचार्य पीठ सरस निकुंज में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी सरकार की विधिवत सेवा के बाद परंपरागत सेवा में विराजित आचार्यों की पादुका पूजन किया गया। इसके बाद शुक संप्रदाय आचार्य पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण ने श्री वेदव्यास जी के चित्रपट का पूजन किया। नए शिष्यों को नाम दीक्षा प्रदान की जा रही है।