पूर्व पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट को फिर राजस्थान का सीएम बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। अब उनके गुट के एक वरिष्ठ नेता और पीसीसी उपाध्यक्ष ने यह मांग उठाई है। पायलट खेमे के माने जाने वाले राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सचिन पायलट की ऐसे नेता है जो राजस्थान में सरकार को रिपीट करा सकते हैं। पीसीसी मुख्यालय पर मीडिया से बातचीत में चौधरी ने कहा कि 6 सितंबर को सचिन पायलट के जन्मदिन पर जो भीड़ आई थी वह बिन बुलाए आई थी किसी ने नहीं बुलाया। हजारों की तादाद में लोग प्रदेशभर से जयपुर पहुंचे, इससे साफ है कि सचिन पायलट लोकप्रिय नेता हैं।
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि 2013 में जब पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई थी तब सोनिया गांधी ने सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। सचिन पायलट ने 5 साल खूब मेहनत की और अपने दम पर सरकार बनवाई लेकिन उस वक्त फैसला यह हुआ कि अशोक गलत मुख्यमंत्री बनेंगे और सचिन पायलट डिप्टी सीएम बनेंगे लेकिन उसके बाद से ही जनता में अंदर खाने नाराजगी बढ़ती जा रही थी यही वजह है कि 6 माह के बाद हुए लोकसभा चुनाव में ही पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। 25 लोकसभा सीटें हार गए जबकि वो सरकार का हनीमून पीरियड था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में ही पार्टी को हार का सामना पड़ा केवल 11 विधायकों के क्षेत्रों में कांग्रेस आगे रही, बाकी सब जगह कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता ने उस वक्त वोट देकर अपना फैसला सुना दिया था कि सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाए जाने से नाराजगी है।
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कौन बनेगा अध्यक्ष जल्द हो जाएगा साफ
चौधरी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा इसे लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। 24 से 30 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे उससे साफ है कि जो भी पार्टी का अध्यक्ष बनेगा उसका नाम सामने आ जाएगा। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है उन्होंने लोकसभा चुनाव की हार के बाद जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था।
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विधायकों की नहीं हो रही प्रशासन में सुनवाई
कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा की ओर से जोधपुर में धरना देने को लेकर पूर्व मंत्री ने कहा कि अगर विधायक ने धरना दिया है तो सोच समझ कर ही दिया होगा क्योंकि उनकी सरकार में सुनवाई नहीं हो पा रही होगी। ये बहुत ही गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में खराब सड़कों को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं और कह चुके हैं की सड़कों की मरम्मत होनी चाहिए, लेकिन सड़कों की मरम्मत केवल जोधपुर में नहीं पूरे प्रदेश भर में होनी चाहिए क्योंकि बरसात में सड़कें खराब हो जाती है लेकिन मुख्यमंत्री को सार्वजनिक मंच से ऐसी बातें नहीं बोलनी थी अधिकारियों के बीच इस बात को उठाना चाहिए था।