सांकड़ा गांव में गुरुवार को क्षत्रिय समाज की ओर से शस्त्र पूजन व पथ प्रेरणा यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने शिरकत कर परंपरा निभाई। गौरतलब है कि सांकड़ा गांव के माधोपुरा मार्ग पर ऐतिहासिक महिषासुर मर्दिनी अवतार में देवी का मंदिर स्थित है। यहां कांलातर में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता था, लेकिन वर्षों से आयोजन बंद था। भाजपा नेता भूरसिंह सांकड़ा, भोमसिंह सांकड़ा, भूपतसिंह माधोपुरा, पेंपसिंह खुहड़ा, गिरवरसिंह नया सांकड़ा आदि के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार व रंग-रोगन करवाकर पुन: पौराणिक परंपरा को शुरू किया गया। गुरुवार को सुबह पं. पुखराजसिंह राजपुरोहित के सानिध्य में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर हवन का आयोजन किया गया। करीब 5 कुंडीय यज्ञ में बड़ी संख्या में यजमानों ने अपनी ओर से आहुतियां दी। यज्ञ के बाद आरती की गई। इस मौके पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शस्त्रों का पूजन किया गया। इस मौके पर ख्याला मठ के संत मोतीनाथ महाराज के सानिध्य में सभा में कवि बाबूखां मैरासी ने कविताएं प्रस्तुत की। पूर्व विधायक जितेन्द्रसिंह भाटी ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज ने हमेशा अन्य समाजों की रक्षा के लिए कार्य किया है। पूर्व विधायक शैतानसिंह राठौड़ ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से जागरुकता आती है। युवाओं को इतिहास की जानकारी होती है। भाजपा प्रदेश मंत्री आईदानसिंह भादरिया व जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा ने भी अपने विचार रखे। युवा चतुरसिंह ने देवी के मंदिर व शस्त्र पूजन कार्यक्रम के इतिहास पर प्रकाश डाला। भाजपा जिला मंत्री मदनसिंह राजमथाई ने युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे और नशे की प्रवृति को त्यागकर समाज को नई दिशा देने के लिए कार्य करने की बात कही।