
विकास चौधरी/जोधपुर/मथानिया. किसानों से समर्थन मूल्य पर लहसुन खरीदने के लिए खोले गए खरीद केन्द्रों पर 30 मई से 30 जून तक खरीदे गए लहसुन के मामले की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को मथानिया स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति के जीएम से लहुसन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की और संबंधित दस्तावेज कब्जे में ले लिए।
ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह भाटी ने बताया कि मथानिया व जोधपुर कृषि मण्डी के खरीद केन्द्रों पर लहसुन खरीद में घोटाला होने की शिकायत की जांच के तहत यह कार्यवाही की गई। ब्यूरो की टीम ने मथानिया क्रय विक्रय समिति के वर्तमान प्रबंधक पाबूराम चौधरी से लहसुन खरीद व बिक्री प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। ब्यूरो यह जांच कर रहा है कि मथानिया और जोधपुर के सरकारी खरीद केंद्रों पर 2054 किसानों के नाम 26 करोड़ रुपए का लहुसन खरीदा गया था। यह लहुसन जिले में उत्पादित था या राज्य के अन्य जिलों अथवा दूसरे राज्यों से लाया गया और बेचने वाले किसान ही थे या व्यापारियों ने किसानों के नाम लहसुन बेच दिया था।
गौरतलब है कि मथानिया निवासी श्यामलाल गहलोत ने एसीबी को लहसुन खरीद में घोटाले की शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार जिले के किसानों को लहसुन का उचित मूल्य दिलाने के लिए मथानिया व जोधपुर कृषि मण्डी में खरीद केन्द्र खोले गए थे। लेकिन व्यापारियों ने कोटा व मध्यप्रदेश के किसानों से सस्ते दामों पर लहसुन खरीदा और जोधपुर के खरीद केन्द्रों पर लाकर तीन-चार गुना अधिक दर पर बेच दिया।
किसान नहीं आ रहे सामने
एसीबी का कहना है कि मथानिया में 784 और जोधपुर में 1270 किसानों के नाम से लहसुन की खरीद हुई थी। प्रत्येक किसान से अधिकतम चालीस क्विंटल लहसुन खरीदा गया। 3257 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लहसुन खरीदा गया और किसानों के बैंक खातों में 26 करोड़ 75 लाख से अधिक रुपए जमा हुए थे। एसीबी इन किसानों से पूछताछ करना चाहती है, लेकिन अभी तक कोई किसान सामने नहीं आया है। किसानों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा कि उन्होंने ही लहसुन बेचा या उनके नाम से किसी व्यापारी ने लहसुन की बिक्री की थी।