
जोधपुर. लक्ष्य निश्चित कार्य योजना बनाकर निरंतर सक्रियता से प्राप्त किए जा सकते हैं। लक्ष्य निर्धारण कर अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पूर्ण उपयोग करते हुए निराश नहीं होते हुए परिणाम केंद्रित परिश्रम कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हर विद्यार्थी में अच्छे अंक लाने की काबिलियत होती है।
परीक्षा दिवस पर तनाव बिल्कुल नहीं रखें व विषय की बार-बार पुनरावृति करें। कोई भी विषय हो डरे नहीं, तनाव नहीं लाएं। अपने आपसे कहे कि आपकी मेहनत व मजबूत इरादों के आगे ये कुछ मुश्किल नहीं। समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें समय को महत्वपूर्ण भागों में बांट कर दिनचर्या सुनिश्चित करें।
परीक्षा के दिनों में हर 1 घंटे की पढ़ाई के बाद 10-15 मिनट का विराम दें, इससे लर्निंग स्थाई होती है। एक बार में एक ही प्रश्न व विषयवस्तु का एकाग्रता से अध्ययन करें। अक्सर विद्यार्थियों में सुनने में आता है कि बार-बार पढऩे पर भी याद नहीं होता, अत: परीक्षा के दिनों में निराशा घेर लेती है। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण नुस्खा है – एकाग्रता।
पढ़ते समय उसी विषय पर ध्यान केंद्रित करें तब पढ़ा हुआ अवश्य ध्यान रहेगा। रटे हुए तथ्य समय बीतने पर भूल जाते हैं, स्थाई याद उन्हीं तथ्यों की रहती है जो साथ में समझा भी जाए। पढ़ते समय पेंसिल अवश्य रखें जहां सार या महत्व के अंश देखें उन्हें रेखांकित कर ले, ताकि दोबारा पढ़ते समय उन अंशों पर ध्यान तुरंत चला जाए। सार सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए अध्ययन करें।
कठिन विषय की तैयारी के टिप्स
गणित विषय की तैयारी के लिए खूब सवाल की प्रेक्टिस करें, बार-बार पुनरावृति करें व परीक्षा के दौरान स्टेप वाइज प्रश्न हल करें। विज्ञान में पेपर पेटर्न मार्र्किंग स्कीम के हिसाब से सिलेबस को अच्छे से समझ लें। फिजिक्स फार्मूला बेस्ड होता है, केमिस्ट्री में रासायनिक समीकरणों को लिखकर प्रतिदिन दोहराएं। जीव विज्ञान में डायग्राम