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आखिरकार थानाधिकारी लीलाराम व तीन सिपाही निलम्बित, अधिकांश मांगों पर सहमति

- पुलिस से मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु का मामला

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जोधपुर.
पुलिस से मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर लवली कण्डारा की मृत्यु को लेकर चल रहा गतिरोध आखिरकार 5वें दिन रविवार को टूट गया। पहले जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह फिर पुलिस कमिश्नर जोस मोहन व पुलिस उपायुक्त भुवन भूषण के साथ वाल्मिकी समाज के प्रतिनिधि मण्डल की वार्ता में रातानाडा थानाधिकारी लीलाराम को निलम्बित करने का निर्णय किया गया। मुठभेड़ में साथ कांस्टेबल किशनसिंह, विश्वास व जितेन्द्र को भी निलम्बित किया गया।
शाम साढ़े चार बजे वार्ता के बाद अधिकांश मांगों पर सहमति बनी। एनकाउंटर के संबंध में हत्या करने संबंधी शिकायत को रातानाडा थाने में दर्ज हत्या के प्रयास की पत्रावली में शामिल किया जाएगा। वहीं, इस मामले की जांच सीआइडी सीबी जयपुर से कराई जाएगी। मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम होगा। मृतक के आश्रित को 25 लाख रुपए मुआवजा व सरकारी नौकरी संबंधी मांग का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। वार्ता में सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश टायसन, मृतक लवली कण्डारा के पिता, चाचा और विधायक मनीषा पंवार व राजेन्द्र सोलंकी शामिल थे।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) भुवन भूषण यादव ने थानाधिकारी लीलाराम व तीन कांस्टेबल के निलम्बन व अन्य मांगों पर सहमति बनने की पुष्टि की।
इन मांगों पर सहमति बनने के बाद शाम को सभी मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे, जहां मांगें मानने की घोषणा की गई। फिलहाल पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मांगों पर सहमति के संबंध में लिखित में देने की मांग को लेकर फिर गतिरोध हो गया।
इससे पहले रालोपा सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक बार फिर मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चल रहे धरनास्थल पहुंचे, जहां उन्होंने एनकाउंटर को लेकर राज्य सरकार व पुलिस की आलोचना की। साथ ही मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।