
जोधपुर.यौन दुराचार के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की ओर से उसके भान्जे रमेशभाई की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में पैरोल याचिका दायर करते हुए 20 दिन की पैरोल मांगी गई है। याचिका की सोमवार को जस्टिस संदीप मेहता व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में सुनवाई हुई, जहां खंडपीठ ने सरकारी अधिवक्ता को याचिका का जवाब पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा ने कहा कि जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली पैरोल कमेटी की ओर से आसाराम के लिए पूर्व में मांगी गई बीस दिन की पैरोल अर्जी को २ नवंबर २०१८ को खारिज कर दिया गया है। जबकि प्रथम पैरोल आसाराम का अधिकार है। क्योंकि पांच साल से अधिक समय होने के बावजूद अभी तक जेल में हैं जहां उसका आचरण भी संतोषजनक है। इसलिए जिला कल्ेक्टर के आदेश को निरस्त करते हुए आसाराम को 20 दिन की पेरोल देने के आदेश जारी करें। इस पर सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एएजी शिवकुमार व्यास व उनके सहयोगी हनुमानसिंह गौड़ के माध्यम से सरकार को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब तलब किया गया।
शरद चन्द्र की सजा स्थगन याचिका की सुनवाई टली
उधर आसाराम के सह अभियुक्त शरदचंद की ओर से अपनी बीस साल की सजा के खिलाफ पेश सजा स्थगन याचिका पर सोमवार को सुनवाई नही हो पाई। मामला कोर्ट संख्या 6 में जस्टिस विजय विश्नोई की पीठ में सूचीबद्ध था, लेकिन समय अभाव के चलते याचिका की सुनवाई टल गई । इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोजकुमार गर्ग ने शरदचंद्र की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए किसी अन्य पीठ में सुनवाई करने के लिए भेजने की अनुशंसा की थी।